राज्य
01-Jan-2026


- नवंबर-दिसंबर ने तोड़े रिकॉर्ड, जनवरी में भी राहत के आसार नहीं भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में इस बार सर्दी ने पुराने सारे रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। नवंबर महीने में जहां 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई, वहीं दिसंबर ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग का कहना है कि ठंड का यह सिलसिला यहीं थमने वाला नहीं है। जनवरी में भी प्रदेश को कड़ाके की सर्दी, घना कोहरा और शीतलहर का सामना करना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जनवरी की शुरुआत में ही कई इलाकों में माइनस लेवल की ठंड जैसे हालात बन चुके हैं। आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट संभव है। नए साल की पूर्व संध्या पर भी प्रदेश ठिठुरता रहा, हालांकि ठंड के बावजूद न्यू ईयर सेलिब्रेशन पूरे जोश के साथ हुआ। न्यू ईयर की सुबह कोहरे में लिपटा प्रदेश नए साल के पहले दिन सुबह होते ही प्रदेश के बड़े हिस्से घने कोहरे की चपेट में आ गए। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य भारत तक विजिबिलिटी बेहद कम रही। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया के साथ भोपाल, इंदौर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, मंडला और डिंडौरी में भी सुबह के समय कोहरे का असर देखा गया। पहाड़ों की बर्फबारी ने बढ़ाई कंपकंपी उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। सुबह-शाम घना कोहरा, दिन में कोल्ड डे और रात में शीतलहर जैसे हालात बन रहे हैं।मौसम विभाग के अनुसार, ऊपरी वायुमंडल में चल रही जेट स्ट्रीम भी ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। बुधवार को इसकी रफ्तार करीब 278 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को भी जेट स्ट्रीम के प्रभावी बने रहने का अनुमान है। कोहरे से थमी रफ्तार, ट्रेनें लेट तेज ठंड और घने कोहरे का असर जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। दिल्ली की ओर से आने वाली कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं। दतिया और ग्वालियर में सुबह विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर तक रह गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, सतना, सीधी, मंडला, खजुराहो, गुना, राजगढ़ और दमोह जैसे शहरों में भी कोहरा छाया रहा। विनोद / 01 जनवरी 26