क्षेत्रीय
01-Jan-2026
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- सूर्य और चंद्र की गति को संतुलित करने जुड़ेंगे एक्स्ट्रा 30 दिन - जिसे अधिक मास कहते हैं भोपाल (ईएमएस)। साल 2026 में 12 नहीं 13 महीने होंगे। बीते दिन उज्जैन में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन में पहुंचे ज्योतिषियों ने बताया कि हर 3 साल में बड़ा बदलाव होता है, जिससे 1 मास बढ़ जाता है। जिसे अधिक मास कहते हैं। ज्योतिष राजेश शर्मा ने इसे धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से सिंहस्थ 2028 में कुंभ से पहले विशेष संयोग बताया है। उन्होंने कहा कि यह अधिक मास ज्येष्ठ मास में आएगा, जिसकी अवधि लगभग 59 दिनों की होगी। ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार साल 2026 में 30 दिन की वृद्धि होगी। यह हर 3 साल में अधिक मास आता है, जो कि धर्म, कर्म और दान पुण्य का मास होता है। सनातन में इसका विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में अंग्रेजी कैलेंडर अनुसार ये महीना मई में आएगा। यह घटना पंचाग में तिथियों के घटने और बढऩे से होती है, जो क्रमश: सेकेंड, मिनट, घंटा, दिन, सप्ताह और फिर महीना के रूप में जमा होता है। अधिक मास एक खगोलीय घटना ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा ने इस बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि अधिक मास तब होता है, जब पूरे चंद्रमास के दौरान सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश नहीं करता। चंद्रमास और सौर मास की गति में अंतर को संतुलित करने के लिए यह अतिरिक्त 30 दिन पंचांग में जुड़ते है, जिसे धार्मिक और खगोलीय घटना कहा जा सकता है। विक्रम संवत अनुसार चल रहा वर्ष 2082 ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बेवाला ने बताया कि वर्तमान में अंग्रेजी कैलेंडर अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत हो रही है, लेकिन हिन्दू पंचांग विक्रम संवत अनुसार वर्ष 2082 चल रहा है। पंचांग की गणना अनुसार प्रत्येक 3 वर्षों में एक अधिक मास पड़ता है, जो कि ज्येष्ठ मास के समय आता है। सनातन में इस महीने को अधिक पवित्र माना गया है। इस महीने में लोग धर्म, कर्म, दान पुण्य, पूजा-पाठ और यज्ञ करते है। जिसका आस्था अनुरूप सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक फल मिलता है। विनोद / 01 जनवरी 26