राज्य
01-Jan-2026
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- कपड़ा व्यापारी को झांसे में लेकर असली की जगह नकली सोना देकर की गई थी 9 लाख की ठगी - गिरोह में पति-पत्नि सहित तीनों आरोपी गिरफ्तार, पहुंचे जेल - आरोपियों से 5.17 लाख रूपये बरामद, फरियादी को मिला नये साल का तोहफा गुना (ईएमएस)।गुना पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के कुशल, सशक्त एवं संवेदनशील नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में ठगी एवं धोखाधड़ी जैसे आर्थिक अपराधों को गंभीरता से लेकर इन अपराधों में लगातार प्रभावी और सक्रिय कार्यवाहियां की जा रही हैं । पुलिस अधीक्षक श्री सोनी द्वारा ऐसे प्रकरणों को विशेष गंभीरता से लेते हुए समय-समय पर समीक्षा कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निरंतर निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं । इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमति दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में धरनावदा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रभात कटारे और उनकी टीम द्वारा एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय शातिर ठग गिरोह का पर्दाफास किया गया है । जिसमें गुना के कपड़ा व्यापारी को झांसे में लेकर असली की जगह नकली सोना थमाकर 09 लाख रूपये की ठगी करने वाले शातिर ठग पति-पत्नि व साथी सदस्य को गिरफ्तार करते हुए जिनके कब्जे से व्यापारी के ठगे हुए 5.17 लाख रूपये की बरामदगी के साथ ही व्यापारी को नये साल का विशेष तोहफा मिला है । उल्लेखनीय है कि फरियादी प्रवीण जैन निवासी प्रकाश टॉकीज गली गुना ने धरनावदा थाने में एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया था, कि उसकी प्रकाश टॉकीज गली में कपड़े की दुकान है लगभग दो माह पूर्व अज्ञात दो व्यक्ति कपड़े खरीदने के वहाने उसकी दुकान पर आये और उन्होंने बातचीत एवं बार-बार दुकान पर आकर विश्वास बड़ाया । बाद में उन्होंने एक माला में से दो मोती निकालकर चैक कराने के लिए उसे दिए, जिन्हें चैक कराने पर सोने के पाए गए । फिर अगले दिन वह दोंनो एक महिला के साथ फिर से दुकान पर आए और मोती बापस लेकर चले गए । दिनांक 15 अक्टूबर 2025 को उन्हीं लोगों का उसे फोन आया जिसमें महिला को केंसर की बीमारी के इलाज हेतु पैसों की आवश्यकता बताते हुए सोने के जेबर बेचने का बहाना किया गया और सोने के जेबर के बदले 09 लाख रूपये देने के लिए रूठियाई बलाया गया । वह अपनी पत्नि के साथ रूठियाई पहुंचा, जहां उन्हें उक्त पति-पत्नि दोंनो मिले, जिन्हें उसके द्वारा 09 लाख रूपये देकर बदले में सोने की रकम ले ली । किंतु गुना आकर जांच कराने पर सोना नकली पाया गया । इसके बाद से ही वह उन तीनों को तलाश रहा है, लेकिन उनके बारे में कहीं कोई जानकारी नहीं मिल रही है । शिकायत पर से दिनांक 05 दिसंबर 2025 को धरनावदा थाने में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अप.क्र. 277/25 धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया । गुना पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी द्वारा कपड़ा व्यापारी के साथ हुई ठगी की उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपियों त्वरित पतारसी, गिरफ्तारी एवं ठगे गये रूपयों की बरामदगी के स्पष्ट निर्देश दिए गए । निर्देशानुसार धरनावदा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रभात कटारे द्वारा अपनी टीम के साथ प्रकरण की गहन विवेचना की गई साथ ही अज्ञात आरोपियों की पतारसी हेतु अपना मुखबिर तंत्र और अधिक मजबूत किया तथा इसमें विभिन्न तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए आरोपियों की पतारसी के सघन प्रयास किए गए । जिसके परिणाम स्वरुप शीघ्र ही तीनों अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को सफलता मिली और फिर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सघन दिवशें दी गईं, जिसके तहत विगत दिनांक 30 दिसंबर 2025 को आरोपियों के संबंध में मुखबिर सूचना पर धरनावदा थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए प्रकरण में तीनों आरोपी 1-ऊदाराम पुत्र गंगाराम बागरी उम्र 35 साल, 2- मंजू पत्नि ऊदाराम बागरी उम्र 34 साल निवासीगण ग्राम रामसीन जिला जालौर राजस्थान एवं 3-हरिराम पुत्र झीनाराम बागरी उम्र 42 साल निवासी ग्राम आसना जिला जालौर राजस्थान को गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्होंने प्रारंभिक पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए गुना के कपड़ा व्यापरी को नगली सोना देकर 09 लाख रूपये की ठगी करना बताया । इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से व्यापारी के ठगे हुए रूपयों में से शेष 5.17 लाख रूपये बरामद कर जिन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है । अपराध करने का तरीका- गिरोह के सदस्य दुकानों पर छोटे-छोटे सामान की खरीद कर व्यापारी पर भरोसा बनाते हैं, फिर असली सोने के कुछ दाने या मोती व्यापारी के समक्ष दिखाकर विश्वास पैदा करते है । बाद में बीमारी या आर्थिक संकट का बहाना कर सोना बेचने की पेशकश करते है। नकली सोने की माला में पहले से लगाए गए असली मोती व्यापारी को देकर उसे भ्रमित कर पूरी नकली माला के बदले बड़ी रकम लेकर फरार हो जाते हैं । ये आरोपी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिये म.प्र. व अन्य राज्यों में लगातार भ्रमण करते रहते हैं । धरनावदा थाना पुलिस की इस सफल और उल्लेखनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रभात कटारे, सउनि सैय्यद साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह सिकरवार, प्रधान आरक्षक धीरेन्द्र सेंगर, आरक्षक रघुकुल मिश्रा, आरक्षक धर्मेन्द्र धाकड़, आरक्षक सत्येन्द्र गुर्जर, आरक्षक ऋषिकेश शर्मा, आरक्षक सोनू जाटव, आरक्षक सचिन तोमर, आरक्षक सुदंर रमन एवं महिला आरक्षक प्रियंका ओझा की विशेष भूमिका रही है। -सीताराम नाटानी