- माधव टाइगर रिजर्व की सटे डोंगर गांव में मादा टाईगर ने ग्रामीण पर हमला किया - ग्रामीणों ने कहा की यह टाइगर हमारे लिए परेशानी का कारण बन गए हैं शिवपुरी (ईएमएस)। शिवपुरी जिला मुख्यालय स्थित माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे सतनवाड़ा के पास डोंगर गांव में एक माता बाघिन ने यहां पर एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। टाइगर के हमले में ग्रामीण घायल हुआ है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मादा टाइगर द्वारा ग्रामीण पर हमला किए जाने के बाद डोंगर गांव के ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने यहां पर टाइगर की निगरानी के लिए लगी ट्रैकिंग टीम पर को घेर लिया और मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों से टाइगर ले जाने पर नाराजगी व्यक्त की। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि जब से यह टाइगर माधव राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए हैं तब से इस टाइगर रिजर्व से आसपास के लगे गांवों में दहशत का माहौल है। लोग इन टाईगर के कारण रात के समय गांव व अपने खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं और वह दहशत के साए में जी रहे है। लाठी और शोरगुल कर बाघिन को खदेड़ा- माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे डोंगर गांव में मादा बाघिन के हमले के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। डोंगर गांव 65 साल के ग्रामीण शिवलाल बघेल जो अपने घर से लगभग 100 मीटर दूर खेत में शौच के लिए गए थे। तभी खेत में झाड़ियों के बीच छिपी बैठी मादा बाघिन ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जब हमला हुआ उस दौरान शिवलाल बघेल की तेज चीख निकल गई गांव के कुछ ग्रामीण पास में एकजुट होकर अलाव ताप रहे थे। आवाज सुनते ही ग्रामीण लाठियां लेकर खेत की ओर दौड़े और शोरगुल कर बाघिन को खदेड़ दिया। घायल ग्रामीणों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया- माद टाईगर के इस हमले के बाद ग्रामीणों ने इस बात की सूचना तत्काल रेंज ऑफिस को सूचना दी गई। वन विभाग के वाहन से घायल शिवलाल बघेल को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायल ग्रामीण शिवलाल बघेल के परिजन फतेह सिंह ने बताया कि शिवलाल के शरीर पर कई जगह गंभीर जख्म आए हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत स्थिर है। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को घेरा जताई नाराजगी- इस घटना के बाद जैसे ही माधव टाइगर रिजर्व की ट्रैकिंग टीम और पार्क प्रबंधन के अधिकारी गांव पहुंचे, ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि टाइगर की निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से बाघिन गांव तक पहुंच गई और हमला कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते निगरानी और अलर्ट सिस्टम मजबूत होता, तो यह घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से गांव और खेतों के आसपास टाइगर की मूवमेंट देखी जा रही थी। इसकी शिकायतें भी वन विभाग को दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से मादा टाईगर- अभी 27 दिसंबर को शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई गई करीब तीन साल की मादा बाघ को नेशनल पार्क की मध्य रेंज में छोड़ा गया था। इसके साथ ही रिजर्व में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई थी। रंजीत गुप्ता, 01 जनवरी, 2025