अंतर्राष्ट्रीय
01-Jan-2026


क्वेटा (ईएमएस)। बलूचिस्तान में हो रही हिंसा को लेकर मानवाधिकार संगठन लगातार चिंताएं जाहिर कर रहा है। वहीं, मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने ज्यादातर शिकायतों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। बीवाईसी ने कहा कि जिस तरह से बलूचिस्तान की कई अदालतों से लगातार बेल ऑर्डर रिलीज किए गए हैं, उससे एक बात साफ है कि पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से दर्ज किए गए ज्यादातर मामले झूठे हैं। कोर्ट ने जिस तरह से आरोपियों को बेल दिया है, वह दिखाता है कि दर्ज की गई शिकायतें बेबुनियाद, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित हैं। मानवाधिकार संगठन का कहना है कि बीवाईसी के प्रमुख आयोजक, महरंग बलूच, और दूसरे नेताओं, जिनमें बीबर्ग बलूच, शाहजी बलूच, गुलजादी बलूच, और बीबो बलूच शामिल हैं, को पिछले दस महीनों से गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया है। संगठन ने कहा कि बीवाईसी नेताओं को शुरू में तीन महीने के लिए मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (3-एमपीओ) के तहत हिरासत में रखा गया था। यह एक ऐसा कानून है, जो सरकार के पब्लिक ऑर्डर के लिए संभावित खतरों के आकलन के आधार पर निवारक निरोध की इजाजत देता है। हालांकि, बीवाईसी ने जिसे राजनीति से प्रेरित मामला बताया, उसके जरिए उनकी हिरासत बढ़ा दी गई। संगठन ने आरोप लगाया कि बार-बार रिमांड पर लेने, जांच रिपोर्ट जमा करने में जानबूझकर देरी करने और सिस्टमैटिक प्रक्रियाओं में रुकावटों की वजह से उनकी कैद लंबी हो गई है। सुबोध/०१-०१-२०२६