इन्दौर (ईएमएस) भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से हुई मौत के बाद अब शहर के अन्य इलाकों में भी पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर आक्रोश सामने आने लगा है। इसी के चलते आज वार्ड क्रमांक 75 के रहवासियों ने कांग्रेस के पार्षद कुणाल चौधरी के नेतृत्व में जोन क्रमांक 13 कार्यालय का घेराव किया और आंखों पर पट्टी बांधकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे रहवासियों का कहना था कि उनके क्षेत्र में पिछले कई महीनों से पीने का पानी गंदा आ रहा है। पानी में बदबू, गाद और गंदगी साफ दिखाई देती है, जिससे लोग मजबूरी में वही पानी पीने को विवश हैं। रहवासियों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम और संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पूरे क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही और जल आपूर्ति की पाइप लाइनों की हालत जर्जर है। इसके चलते सीवरेज का गंदा पानी पेयजल लाइनों में मिल रहा है, जो गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहा है। इस दौरान पार्षद कुणाल चौधरी ने कहा कि “भागीरथपूरा में गंदे पानी से मौत के बाद भी प्रशासन नहीं जागा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वार्ड 75 की स्थिति भी उतनी ही भयावह है। अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यहां भी बड़ा हादसा हो सकता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। रहवासियों ने आंखों पर पट्टी बांधकर यह संदेश देने की कोशिश की कि प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है और आम जनता की पीड़ा देखने को तैयार नहीं है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और तत्काल जांच, पाइपलाइन सुधार तथा नियमित सफाई की मांग की गई। फिलहाल जोन कार्यालय के अधिकारियों ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या भागीरथपूरा की घटना से सबक लेकर प्रशासन समय रहते कदम उठाएगा या फिर जनता को ऐसे ही आंदोलनों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। आनन्द पुरोहित/ 02 जनवरी 2025