- बोले– बिना तथ्यों के मुद्दे गढ़ रही कांग्रेस रायपुर(ईएमएस)। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के SIR प्रतिनिधिमंडल द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार बिना तथ्यों के आरोप लगा रही है और केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए नए-नए मुद्दे गढ़ रही है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सलवा जुडूम आंदोलन वर्ष 2008 का विषय है, जबकि भारत निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के तहत वर्ष 2003 की मतदाता सूची मांगी जा रही है। ऐसे में सलवा जुडूम का एसआईआर प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस में महिला राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने को लेकर गजेंद्र यादव ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक और व्यक्तिगत मामला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में न तो कोई मजबूत संगठन है और न ही स्पष्ट कार्य पद्धति। उन्होंने दावा किया कि केवल भारतीय जनता पार्टी में ही संगठित कार्य संस्कृति है, जबकि कांग्रेस में व्यक्ति पूजा होती है और संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह कमजोर है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके बयान यह दर्शाते हैं कि वे अब भी “दिव्य स्वप्न” से बाहर नहीं आ पाए हैं। गजेंद्र यादव ने कहा कि चाहे धीरेंद्र शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा का मामला हो या फिर उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर की गई टिप्पणी—पूर्व मुख्यमंत्री सनातन धर्म के प्रति बढ़ती जागरूकता को सहन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरुण साव की सक्रियता और दौरों को देखकर वे असहज हैं और अपनी कमियों को छिपाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में केवल 23 स्कूल ऐसे हैं, जहां एकल शिक्षक या शिक्षकविहीन स्थिति है। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तिकरण से पहले प्रदेश में करीब 1200 स्कूल शिक्षकविहीन और 700 स्कूलों में एकल शिक्षक कार्यरत थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लागू युक्तियुक्तिकरण का सकारात्मक असर अब साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर क्षेत्र में विषम परिस्थितियां थीं, लेकिन अब वहां शांति लौट रही है। मुख्यमंत्री शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक विजन पर काम कर रहे हैं, जिससे भविष्य में कहीं भी शिक्षकों की कमी नहीं होगी। तमनार की घटना और महिला आरक्षक के वायरल वीडियो पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस बौखलाहट में इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो रही है। उन्होंने कहा कि छोटे या बड़े आंदोलनों के नाम पर कांग्रेस छत्तीसगढ़ की शांत प्रकृति के विपरीत माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। बड़े मामलों में कांग्रेस नेताओं की संलिप्तता दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे कृत्यों की वे कड़ी निंदा करते हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 जनवरी 2026