02-Jan-2026
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- देश में पहली बार सागर में सड़क सुरक्षा के तहत विशेष ग्राम सभाएं - सड़क दुर्घटना में मृत हुए व्यक्ति का पूरा परिवार खत्म होने के बराबर होता है - चालान से ज्यादा अपनी जान को सुरक्षित रखें, सड़क सुरक्षा में अपनी सुरक्षा है -पुलिस अधीक्षक शाहवाल - जिले में आयोजित की गई विशेष ग्राम सभाएं सागर (ईएमएस)। सड़क दुर्घटना में मृत हुए व्यक्ति का पूरा परिवार खत्म होने के बराबर होता है एवं आपकी एक गलती परिवार से दूर कर सकती है, यातायात के नियमों का पालन कर वाहन चलाएं। उक्त विचार कलेक्टर संदीप जी आर ने नवाचार करते हुए देश में पहली बार सागर में सड़क सुरक्षा के विषय पर आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के शुभारंभ अवसर पर बमोरी बीका ग्राम में व्यक्त किए। इस अवसर पर संतोषी राजेश सिंह, कविता सिंह, महेंद्र सिंह, विक्रम सिंह,जी राजू सिंह,नितेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर सिद्धांत सिंघई, एसडीएम अमन मिश्रा, सविता मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।कलेक्टर संदीप जी आर ने विशेष ग्राम सभा में बोलते हुए कहा कि यह विशेष ग्राम सभा आपके जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जब वाहन दुर्घटना होती है तो उसमें व्यक्ति घायल या मृत होता है और जब व्यक्ति मृत होता है तो उसके परिवार पर अत्यंत बज्राघाट होता है क्योंकि वही व्यक्ति उस परिवार का मुखिया होता है और जब मुखिया चला जाता है तो घर का चलना बड़ा कठिन रहता है। इसलिए सड़क पर चलते समय पूरे यातायात के नियमों का पालन करें।कलेक्टर संदीप जी आर ने कहा कि प्रायः देखा जाता है कि ग्राम सभा में अनेक बिंदु होते हैं किंतु इस विशेष ग्राम सभा में केवल सड़क सुरक्षा के संबंध में आपसे बात कर रहा हूं और आपकी सहमति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ाने के लिए आपके समक्ष आया हूं। उन्होंने कहा कि आपने धूम फिल्म देखी होगी उसमें बाइकर पूरे यातायात के नियमों का पालन करता है और सभी हेलमेट सहित अन्य सुरक्षा उपकरण धारण किए रहते हैं। उन्होंने कहा कि आप भी हेलमेट एवं सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाएं। उन्होंने कहा कि शाम को 6 से 9 एवं रात में 2 से 5 के बीच गाड़ी चलाने से बचे। कलेक्टर ने कहा कि आपकी दो मिनट की जल्दबाजी आपकी परिवार से आपको दूर कर सकती है आप जल्दबाजी न करे।कलेक्टर संदीप जी आर ने समस्त सड़क निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण की पूर्व सभी जगह आवश्यक वेरीकेटिंग करें एवं संकेतक लगाएं जिससे कि कहीं भी दुर्घटना न हो। उन्होंने समस्त ग्राम सभा में पहुंचे ग्रामवासियों से अपील की कि कभी भी रात में गाड़ी न चलाएं एवं नशे में भी गाड़ी का उपयोग न करें और निर्धारित क्षमता के अनुसार गाड़ी पर बैठकर गाड़ी का संचालन करें। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार गाड़ी के साइड में न लगाऐं बैग लगाने से अधिक दुर्घटना होती है।कलेक्टर संदीप जी आर ने कहा कि शासन की राहवीर योजना का प्रचार प्रसार करें जिससे की दुर्घटना में घायल व्यक्ति का समय पर उपचार हो सके और घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचने वाले व्यक्ति को सम्मान राशि एवं प्रमाण पत्र मिलेगा।पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल ने कहा कि यह विशेष ग्राम सभा कलेक्टर श्री संदीप जी आर की अभिनव पहल है। इस पहल से अवश्य सागर जिले में दुर्घटनाओं पर विराम लगेगा। उन्होंने कहा कि आप सभी चालान से न डरें अपनी जान जाने से बचें। आपकी जान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आपकी एक गलती आपके पूरे परिवार से दूर कर सकती है और आपका परिवार में रहना अत्यंत आवश्यक है उन्होंने कहा कि रात में चलने से हम सबको बचना चाहिए आवश्यक होने पर ही सावधानी के साथ वाहन का संचालन करें। उन्होंने कहा कि समय-समय पर गाड़ी की जांच भी कराऐं और आवश्यक उपकरण जो लगे हैं उनको हमेशा लगे रहने दें। उन्होंने कहा कि हमेशा गाड़ी अपनी लाइन पर ही चलाएं जल्दबाजी न करें।पुलिस अधीक्षक शाहवाल ने कहा कि दुर्घटना होते समय कोई भी व्यक्ति वीडियो फोटो न ले बल्कि घायल को तत्काल अस्पताल भेजने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि शासन ने राहवीर योजना प्रारंभ की है जिसमें घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचने वाले व्यक्ति को ₹25000 की राशि प्रदान की जाती है।कार्यक्रम में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेहगुनिया ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के अंतर्गत यह देश में पहली बार विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन सागर में कलेक्टर संदीप जी आर के द्वारा किया जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा कि जो परिवार से करें प्यार हेलमेट से न करें इंकार सभी हेलमेट लगाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय पहला घंटा गोल्डन आवर कहलाता है इस गोल्डन आवर में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं जिससे कि उसकी जान सुरक्षित हो सके।विशेष ग्राम सभा में डॉक्टर देवेश पटेरिया ने दुर्घटना में घायल व्यक्ति को कैसे बचाया जा सकता है इसके संबंध में विस्तार से जानकारी दी। डॉ देवेश पटेरिया ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद के लिए पहले शांत रहें और तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं। चोट से रक्तस्राव होने पर चोट को साफ कपड़े से बांधे एवं खून बहने से रोकें, घायल को ज्यादा न हिलाएं, सिर-गर्दन को सीधी रखें, सुनिश्चित करें कि घायल सांस सुगमता से ले सके, घायल के सिर या गर्दन को झुकाने से बचें अगर घायल सांस नहीं ले रहा तो घायल को सीपीआर दें। इस हेतु प्रत्येक व्यक्ति को सीपीआर का प्रशिक्षण लेना चाहिए। अगर घायल बेहोश हो तो उसे पानी अथवा कोई पेय पदार्थ जबरदस्ती न पिलाएं। अगर कोई हड्डी टूटी है या सिर/गर्दन में चोट है, तो घायल को कम से कम हिलाएं हड्डी टूटने की स्थिति में किसी सीधी टहनी और कपड़े से बांध कर सहारा दें। सड़क दुर्घटना में सिर और छाती की चोट बहुत गंभीर हो सकती हैं यह ऐंसी चोट होती है जो बाहर से दिखाई नहीं देती लेकिन ऐंसी चोटों से आंतरिक अंगों पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता और घायल की मृत्यु भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि वाहन की हालत को ठीक रखें, वाहने से चलने से पहले उसकी ठीक से जांच कर लें। यदि वाहन में खराबी हो तो ऐंसे वाहन से चलने से बचें। सड़क पर चलने पर यातायात नियमों का पालन करें। दो पहिया, चार पहिया वाहन से चलते समय हेलमेंट और सीटबैल्ट लगा कर रखें। बड़े एवं भारी वाहन बच्चों को देने से बचें।विशेष ग्राम सभा में कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने बुंदेली भाषा में सड़क सुरक्षा के संबंध में शपथ भी दिलाई सड़क सुरक्षा मित्र को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया एवं विशेष ग्राम सभा में मौजूद ट्रैक्टर ट्राली टैंकर पर रेडियम की पट्टी भी लगाने का कार्य शुरू किया। विशेष ग्राम सभा में निशुल्क हेलमेट का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अमर जैन ने किया। निखिल सोधिया/ईएमएस/02/01/2026