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02-Jan-2026
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- कैलाश के बिगड़े बोल... निशाने पर आए विजयवर्गीय भोपाल (ईएमएस)। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से लोगों के सक्रमित होने की घटना के कारण मौतों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल, प्रभावित लोगों से बातचीत का तरीका और ठहाके लगाकर हंसने के कारण मप्र, मप्र सरकार और भाजपा की फजीहत हो रही है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मीम्स वायरल हो रहे हैं। इस बीच नगरीय प्रशासन मंत्री की शिकायतों का पुलिंदा दिल्ली पहुंच चुका है। सूत्रों का कहना है कि कैलाश विजयवर्गीय को लेकर आलाकमान नाराज है। आलाकमान विजयवर्गीय के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकता है। यह पहली बार नहीं है जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विवादित बयान की वजह से चर्चा में हैं। इसके पहले भी वे कई मौकों पर ऐसे बयान दे चुके हैं जो न सिर्फ अमर्यादित थे बल्कि सुनने वाले को असहज भी कर देते हैं। दरअसल कैलाश विजयवर्गीय और विवादों का चोली-दामन का साथ है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से लगातार हो रही मौतों को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल को लेकर विजयवर्गीय ऐसे बिफरे कि उन्होंने अशोभनीय शब्दों का प्रयोग कर डाला। विजयवर्गीय इसके पहले भी महिलाओं, संस्कृति, युवाओं और सामाजिक आचरण को लेकर दिए गए अपने बयानों की वजह से विवादों में रहे हैं। वे लगभग पांच दशक से सक्रिय राजनीति में हैं। वर्ष 1975 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। वर्ष 1983 में पहली बार पार्षद निर्वाचित होने के साथ ही उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई और वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बने। वे हरियाणा, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के प्रभारी भी रहे, लेकिन कभी उस स्थायी राजनीतिक मुकाम को नहीं पा सके जिसके वे संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता के आधार पर हकदार माने जाते हैं। कई अवसर उन्हें मिलते-मिलते रह गए। इसकी एक बड़ी वजह उनकी वक्त-बेवक्त की गई बयानबाजी भी है। भाजपा संगठन में अनुशासन और सार्वजनिक मर्यादा शुरू से ही प्राथमिकता पर रही है और विजयवर्गीय इसी कसौटी पर असफल हो जाते हैं। अपनी इसी सेल्फ गोल करने की आदत की वजह से वे बार-बार हाशिए पर चले जाते हैं। कटी-फटी आजादी अगस्त 2025 में विजयवर्गीय ने दावा किया कि 15 अगस्त 1947 को भारत को जो स्वतंत्रता मिली थी, वह एक कटी-फटी यानी अधूरी स्वतंत्रता थी। इंदौर में अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान कैलाश ने अखंड भारत की परिकल्पना व्यक्त की और जोर देकर कहा कि एक दिन ऐसा आएगा जब इस्लामाबाद में भारतीय तिरंगा फहराया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों को सबक अक्टूबर 2025 में विजयवर्गीय को इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर अपनी टिप्पणियों के लिए व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों को अपने होटल से निकलने से पहले अधिकारियों को सूचित करना चाहिए था और इस घटना को अधिकारियों तथा क्रिकेटरों दोनों के लिए एक सबक बताया। छोटे कपड़ों पर शूर्पणखा कमेंट अप्रैल 2023 में विजयवर्गीय ने इंदौर में एक धार्मिक कार्यक्रम में यह कहने के बाद हंगामा खड़ा कर दिया कि खराब या छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियां शूर्पणखा जैसी दिखती हैं। विदेशी बनाम भारतीय सुंदरता जून 2025 में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वे महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने के चलन को नापसंद करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह सुंदरता की एक विदेशी अवधारणा है और भारतीय परंपरा के अनुरूप नहीं है। पिता के नक्शेकदम पर बेटा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नक्शेकदम पर उनके पुत्र पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी चल रहे हैं। उन्होंने े कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इतनी अधिक मौतों का वास्तविक कारण क्या था। उन्होंने यह भी कहा कि केवल गंदे पानी से इतनी मौतें होना संभव नहीं लगता और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि नगर निगम अधिकारी को बल्ले से पिटाई मामले के बाद उनको भाजपा ने टिकट नहीं दिया। इस तरह वे राजनीति में हाशिए पर चले गए हैं। वहीं क्षेत्र के पार्षद कमल वाघेला ने भी इस पूरी घटना के पीछे साजिश होने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और यह स्पष्ट होगा कि घटना किन कारणों से हुई।