ढाका (ईएमएस)। बांग्लादेश में हाल ही में अमेरिकी मक्का को लेकर भयंकर बवाल मचा हुआ है। राजधानी ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने बताया कि अमेरिका से बांग्लादेश में पोषणीय मक्का आने वाला है। यह मक्का ब्रेकफास्ट सीरियल, कॉर्न ब्रेड और जानवरों के चारे में इस्तेमाल होता है। लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह वही मक्का है, जिस मक्के को अमेरिका में सूअर की खाद से उगाया जाता है। बांग्लादेश एक मुस्लिम बहुल देश है, जहां सूअर से जुड़ी चीजें हराम मानी जाती हैं। असल में, अमेरिका में मक्का की खेती में अक्सर सूअर की खाद का इस्तेमाल किया जाता है, खासकर उन इलाकों में जहां बड़े पैमाने पर सूअर का पालन हैं। यूएसडीए की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में करीब 16 प्रतिशत मक्का उगाने वाले खेतों में सूअर की खाद डाली गई थी। इसकारण अमेरिकी मक्का के बांग्लादेश में आने की खबर ने वहां मुस्लिम समुदाय में चिंता और गुस्सा है। सोशल मीडिया पर कई लोग मक्के को इस्लाम के खिलाफ बताकर आलोचना कर रहे है। इस घटना के राजनीतिक और आर्थिक पहलू भी हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के बाद यूनुस को अंतरिम सलाहकार बनाया गया है। उनके भारत और हिंदू विरोधी घटनाओं के कारण भारत-बांग्लादेश रिश्ते तनावपूर्ण हैं। अब अमेरिकी मक्का का विवाद इस तनाव को और बढ़ा रहा है। मामले ने उजागर किया कि अमेरिका अपने आर्थिक और राजनीतिक फायदे के लिए कभी-कभी इसतरह के कदम उठा सकता है जो अन्य देशों के सामाजिक और धार्मिक नियमों से मेल न खाएं। बांग्लादेश में इस मक्का का उपयोग खाद्य और पशु आहार के रूप में किया जाएगा, लेकिन मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को लेकर भारी बहस शुरू हो गई है। आशीष/ईएमएस 03 जनवरी 2026