राष्ट्रीय
03-Jan-2026
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तिरुपति(ईएमएस)। आध्यात्मिक नगरी तिरुपति स्थित तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधीन आने वाले श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में मंगलवार की रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब नशे की हालत में एक युवक मंदिर के ऊंचे गोपुरम (मुख्य भवन के शिखर) पर चढ़ गया। इस घटना से न केवल मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई, बल्कि वहां स्थापित पवित्र कलशों की सुरक्षा को लेकर भी भारी चिंता पैदा हो गई। यह वाकया रात करीब 10 बजे का है, जब एकांत सेवा के बाद मंदिर परिसर में अमूमन शांति रहती है। जैसे ही सुरक्षाकर्मियों को मुख्य भवन के शिखर पर किसी बाहरी व्यक्ति के होने की सूचना मिली, प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक मंदिर की ऊंची चारदीवारी को लांघकर अंदर दाखिल हुआ था। सुरक्षा और सतर्कता विभाग के कर्मचारी उसे रोक पाते, उससे पहले ही वह तेजी से महाद्वारम के पास स्थित गोपुरम के शीर्ष पर जा पहुँचा। वहां पहुँचकर उसने पवित्र माने जाने वाले दो कलशों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है। आरोपी की पहचान तेलंगाना के निजामाबाद जिले के निवासी कुट्टाड़ी तिरुपति के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, वह भारी नशे की स्थिति में था और उसे अपनी जान की कोई परवाह नहीं थी। जब पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने उसे नीचे आने के लिए समझाने का प्रयास किया, तो उसने सहयोग करने के बजाय हंगामा शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब उसने नीचे उतरने के बदले में शराब की मांग रख दी। उसने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उसे शराब नहीं दी जाएगी, वह नीचे नहीं आएगा।स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और दमकल विभाग ने एक संयुक्त बचाव अभियान चलाया। करीब तीन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान लोहे की सीढ़ियों और रस्सियों का सहारा लिया गया। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को सुरक्षित रूप से काबू किया और उसे नीचे उतारा। इस दौरान किसी भी बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया। नीचे उतारने के बाद आरोपी को तुरंत तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उसने पूछताछ के दौरान शराब की मांग करने की बात कबूल की है। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर एक व्यक्ति का दीवार फांदकर गोपुरम तक पहुँच जाना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा घेरे में कमी कहाँ रह गई। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर परिसर की निगरानी और कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/03जनवरी2026