क्षेत्रीय
03-Jan-2026
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-कलेक्टर से मुलाकात में कहा पेयजल की सैंपलिंग कराई जावे _ धैर्यवर्धन शिवपुरी (ईएमएस)। शिवपुरी के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी से भाजपा मध्यप्रदेश के पूर्व प्रवक्ता धैर्यवर्धन ने सौजन्य मुलाकात कर कैलेंडर ईयर 2026 की शुभकामनाएं दीं एवं जन समस्याओं पर ध्यानाकर्षण किया । मुलाकात के दौरान धैर्यवर्धन की शिवपुरी के पेयजल संकट पर भी चर्चा हुई । उन्होंने कहा कि ग्वालियर बाईपास चौराहे की होटल सोनचिरैया रोड की कुल चौड़ाई आपके चैंबर के बराबर है जहां की पानी की लाइन जोड़ने में नगरपालिका प्रशासन ने एक पखवाड़ा से अधिक समय लगा दिया । भाजपा के वरिष्ठ नेता धैर्यवर्धन ने कहा कि यदि सीएमओ चाहते थे तो रात भर काम लगाकर आधी आधी सड़क के दो हिस्सों को खोदकर नई लाइन डालने, जोड़ने में महज दो से तीन दिन ही लगते । उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि अधिकारियों का यह रवैया असंवेदनशील, अव्यावहारिक और अस्वीकार्य है । पंद्रह दिनों से अधिक समय तक शिवपुरी के बड़े हिस्से में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस गए और महज 8 टैंकरों के बल पर नगरपालिका प्रशासन पानी सप्लाई की रस्म अदायगी करता रहा । धैर्यवर्धन ने कहा कि चूंकि वे स्वयं आज से पच्चीस साल पहले नगर पालिका के निर्वाचित पार्षद रह चुके हैं इसलिए नगरपालिका की कार्य संस्कृति से भलीभांति परिचित हैं । एक ओर जहां दुनिया भर के लोग नए साल का जश्न मना रहे थे वहीं शिवपुरी की जनता अपना माथा पकड़े बैठी हुई थी । कलेक्टर शिवपुरी से हुई चर्चा में उन्होंने यह भी कि इंदौर में दूषित जल से हुई मौतों के मद्देनजर आपको शिवपुरी जिले में भी एडवाइजरी जारी करनी चाहिए ताकि दूषित जल की आशंका होने पर पच्चीस पचास सैंपल लिए जाएं और उनकी जांच कराई जाए । समस्त नगरीय निकाय और जहां भी पाइप लाइन की सप्लाई है वहां यह कदम प्राथमिकता से उठाया जाना चाहिए । पीएचई एवं पंचायत विभाग को भी समस्त जल स्रोतों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए जाना उचित होगा ताकि समय रहते सुधार हो सके । बार बार पाइप लाइन फटने और जुड़ने की प्रक्रिया में मिट्टी भी घरों तक पहुंचती है जिससे उनके घरों में ऊंचाई तक पानी पहुंचाने के लिए लगे मोटर पंप भी खराब होते हैं जिससे नागरिकों को आर्थिक नुकसान एवं मानसिक तनाव होता है । भाजपा नेता धैर्यवर्धन ने कलेक्टर से प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रिया से उम्मीद जताई है कि शायद नगरपालिका में अब कुछ बेहतर दिखाई, सुनाई पड़े और कार्य संस्कृति में नए साल में बदलाव दृष्टिगोचर हो । ईएमएस/03/01/2026