मुंबई (ईएमएस)। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म हक की सफलता का बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम जश्न मना रही हैं। यामी का मानना है कि निर्देशक और अभिनेता का तालमेल ही किसी फिल्म की सफलता की कुंजी होता है। एक्ट्रेस ने इसी बीच अपने थिएटर के दिनों के अनुभवों को याद किया। यामी ने एक मजेदार किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि स्कूल में थिएटर सीखते समय उन्होंने एक डायलॉग इतने अजीब अंदाज में बोला कि वहां मौजूद सभी लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो गए। यामी ने बताया, जब मैं स्कूल में थिएटर सीख रही थी, तब वहां एक नया टीचर आया था। हमें अपनी लाइन अलग अंदाज में बोलनी थी। मुझे याद है मेरा डायलॉग था, चुप रहो, छोटे शैतान, वरना मैं तुम्हारा गला काट दूंगी, जिसे मैंने इतना अजीब तरीके से कहा कि सब हंस-हंसकर लोटपोट हो गए। उन्होंने आगे कहा कि टीचर ने मजाक में कहा, तुम तो किसी गली के आदमी की तरह बोल रही हो, जिस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि कम से कम उनकी लाइनें याद तो हैं। यामी ने अभिनय और निर्देशक के बीच की रचनात्मक साझेदारी पर भी बात की। उन्होंने कहा, निर्देशक कहानी की दिशा तय करता है और अभिनेता उनके विजन को स्क्रीन पर उतारता है। एक ही किरदार को कई अलग-अलग तरीके से निभाया जा सकता है, लेकिन स्क्रीन पर जो दिखता है, वह हमेशा निर्देशक के विजन का हिस्सा होता है। उन्होंने आगे समझाया कि अभिनय केवल डायलॉग बोलने तक सीमित नहीं है। यह किरदार की भावनाओं, मानसिकता और कहानी की दिशा को समझने का तरीका है। जब निर्देशक सही दिशा दिखाते हैं, तो अभिनेता अपने अनुभव और प्रतिभा का इस्तेमाल कर कहानी को और प्रभावशाली बनाता है। सुदामा/ईएमएस 05 जनवरी 2026