लंदन (ईएमएस)। हैल्थ विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में दो प्रकार की वसा पाई जाती है – व्हाइट फैट और ब्राउन फैट। दोनों ही आवश्यक हैं, लेकिन संतुलित मात्रा में। व्हाइट फैट शरीर में ऊर्जा का स्टोर करता है, जबकि ब्राउन फैट ऊर्जा को बर्न करके शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखता है। इसे ब्राउन एडिपोज टिश्यू भी कहा जाता है। यह शरीर के लिए मोटापा घटाने वाला फैट है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करता है। विशेष रूप से सर्दियों में ब्राउन फैट शरीर को गर्म रखने का काम करता है, क्योंकि इसमें माइटोकॉन्ड्रिया की मात्रा अधिक होती है, जो कैलोरी बर्न करके ऊष्मा पैदा करता है। ब्राउन फैट के फायदे कई हैं। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारता है और ठंड में शरीर को गर्म रखता है। इसके अलावा यह मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में मदद करता है। रिसर्च से पता चला है कि जिन लोगों में मोटापा कम होता है, उनके शरीर में ब्राउन फैट की मात्रा अधिक होती है और वे अधिक एक्टिव रहते हैं। इसके विपरीत, ब्राउन फैट की कमी से शरीर में व्हाइट फैट बढ़ जाता है। इससे थकान और ऊर्जा की कमी बनी रहती है, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है, ठंड अधिक लगने लगती है और वजन बढ़ता है। साथ ही इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ जाता है। ब्राउन फैट आहार से सीधे नहीं मिलता, बल्कि इसे शरीर में सक्रिय करना पड़ता है। इसके लिए पोषण युक्त आहार के साथ नियमित वर्कआउट और एक्टिव जीवनशैली जरूरी है। ठंडी हवा में हल्की एक्सरसाइज या वॉक करना, कुछ अध्ययन के अनुसार, ब्राउन फैट को सक्रिय करने में मदद करता है। इसके अलावा पर्याप्त नींद और तनाव कम करने वाले उपाय भी ब्राउन फैट की कार्यप्रणाली को बनाए रखने में सहायक होते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो ब्राउन फैट शरीर का प्राकृतिक हीटर और ऊर्जा स्रोत है। यह केवल मोटापा घटाने तक सीमित नहीं, बल्कि मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर और स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए इसे सक्रिय रखना और संतुलित जीवनशैली अपनाना शरीर की फिटनेस और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बेहद जरूरी है। फैट सुनते ही अधिकांश लोगों के दिमाग में मोटापा और वजन बढ़ने का डर उठता है, लेकिन शरीर में फैट केवल मोटापे का कारण नहीं है। सुदामा/ईएमएस 05 जनवरी 2026