‘किसान-श्रमिक चौपालें, किसान पदयात्रा, ट्रैक्टर और बैलगाड़ी रैली नई दिल्ली (ईएमएस)। ‘जी राम जी’ ( जी राम जी) कानून को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के सड़कों पर उतरने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। इंडी गठबंधन के आंदोलन की हवा निकालने के लिए एक बड़ा ‘प्री-एम्प्टिव’ प्लान लांच किया है। विपक्ष के ‘मनरेगा बचाओ’ और कानून विरोधी नैरेटिव को ध्वस्त करने के लिए भाजपा ने सोमवार से ही पूरे देश में एक आक्रामक और संगठित ‘आउटरीच अभियान’ की शुरुआत कर दी है। बीजेपी पार्टी के नेता का कहना है कि विपक्ष झूठ फैलाए, इसके पहले ही जनता के बीच सच और ‘फैक्ट’ पहुंचाने का काम बीजेपी ने शुरु कर दिया। बीजेपी ने ‘राष्ट्रीय जनजागरण अभियान’ का नाम दिया है। इसका मकसद विपक्ष के आंदोलन शुरू होने से पहले ही जमीनी स्तर पर उनके नैरेटिव को खत्म करना है। इसके लिए माइक्रो-लेवल की रणनीति फाइनल कर ली गई है और इसकी निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष टीम भी गठित की गई है। इस जनजागरण अभियान के तहत सोमवार और मंगलवार को देश के सभी प्रदेश भाजपा मुख्यालयों में वरिष्ठ नेता प्रेसवार्ता करने वाले है। इसके 7 से 9 जनवरी तक जिला मुख्यालयों पर तथ्यों के प्रेजेंटेशन के साथ प्रेस वार्ताएं होंगी। इसके अलावा, जिला पंचायत, ब्लॉक पंचायत और सरपंच सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। पार्टी ने अपने सभी सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और यहां तक कि सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी अभियान में मैदान में उतार दिया है। भाजपा की यह किलेबंदी सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। ग्रासरूट्स मोबिलाइज़ेशन’ के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर ‘किसान-श्रमिक चौपालें लगेगी। घर-घर संपर्क अभियान और गांव-गांव में फैक्ट-आधारित प्रचार होगा। माहौल बनाने के लिए पार्टी ने किसान पदयात्रा, ट्रैक्टर रैली और बैलगाड़ी रैली निकालने की भी योजना तैयार की है। इतना ही नहीं पार्टी डिजिटल मोर्चे पर भी पार्टी आक्रामक है। अखबारों में लेख, विज्ञापन और होर्डिंग्स के साथ-साथ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और किसान संगठनों को सक्रिय किया जाएगा। एनडीए सरकारों के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रियों को इस अभियान में विशेष भूमिका सौंपी गई है। कुल मिलाकर, भाजपा ने विपक्ष को घेरने के लिए सड़क से लेकर संसद और सोशल मीडिया तक ‘चक्रव्यूह’ तैयार किया गया है। आशीष/ईएमएस 06 जनवरी 2026