राष्ट्रीय
10-Jan-2026
...


जयपुर,(ईएमएस)। जयपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को स्पाइसजेट की मुंबई जाने वाली फ्लाइट एसजी-651 के यात्रियों ने फ्लाइट में 6 घंटे की देरी होने पर जमकर विरोध किया। फ्लाइट का तय समय शाम 6:15 बजे था, लेकिन अचानक इसे रात 12:30 बजे कर दिया गया, जिसके कारण यात्री परेशान हो गए। इस देरी से हंगामा बढ़ गया और यात्रियों ने एयरलाइंस पर मनमानी और असुविधा देने का आरोप लगाया। यात्रियों का आरोप: ठंड में घंटों इंतजार, बिना जानकारी के रखा गया विरोध कर रहे यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइंस ने उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी, न ही उन्हें ठंड से बचने के लिए कोई सुविधाएं मुहैया कराई गईं। यात्रियों का कहना था कि सर्दी में घंटों इंतजार करने के बावजूद उन्हें न तो खाने-पीने की कोई व्यवस्था की गई, न ही बैठने की कोई सुविधा दी गई। इस पर यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा करना शुरू कर दिया। यात्रियों के अनुसार, उन्हें केवल यह बताया गया कि फ्लाइट में तकनीकी कारणों से देरी हुई है, लेकिन इस बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई यात्रियों ने यह भी कहा कि एयरलाइंस द्वारा दी गई जानकारी में कोई स्पष्टता नहीं थी, जिससे असमंजस की स्थिति बनी रही। स्पाइसजेट का बयान: तकनीकी कारणों से हुई देरी स्पाइसजेट एयरलाइंस ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि फ्लाइट में देरी तकनीकी कारणों की वजह से हुई। एयरलाइंस का कहना था कि यात्रियों की असुविधा को देखते हुए रिफ्रेशमेंट और खाने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, यात्रियों को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की जा रही थी। एयरलाइंस ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उनकी प्राथमिकता है और स्थिति को सामान्य करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि देर रात तक कई यात्री एयरपोर्ट पर परेशान नजर आए, और फ्लाइट के समय को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। विरोध के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिली हालांकि एयरलाइंस की तरफ से राहत की कोशिश की गई, लेकिन यात्रियों की नाराजगी कम नहीं हुई। इस घटना ने एयरलाइंस की सेवा में कमी और फ्लाइट संचालन में पारदर्शिता की जरूरत को फिर से उजागर किया। यात्रियों ने यह भी कहा कि एयरलाइंस को बेहतर जानकारी और समय पर सुविधाएं देने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी स्थितियों से बचा जा सके। यह घटना फ्लाइट संचालन में होने वाली तकनीकी समस्याओं और यात्रियों को दी जाने वाली असुविधाओं की ओर ध्यान आकर्षित करती है, और भविष्य में एयरलाइंस को ऐसे मुद्दों पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।