राष्ट्रीय
10-Jan-2026
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- परिचालन, संरक्षा, अवसंरचना और यात्री सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम रेलवे बना सर्वश्रेष्ठ ज़ोनल रेलवे पश्चिम रेलवे ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट पहचान स्थापित करते हुए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (AVRSP) – 2025 के अंतर्गत अनेक प्रतिष्ठित रेल सप्ताह शील्ड तथा व्यक्तिगत सम्मान प्राप्त किए। इससे रेलवे परिचालन, संरक्षा, अवसंरचना विकास एवं यात्री-केंद्रित सेवाओं में उत्कृष्टता के प्रति पश्चिम रेलवे की दृढ़ प्रतिबद्धता पुनः सिद्ध हुई है। 70वां रेल सप्ताह केंद्रीय समारोह नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, यशोभूमि में शुक्रवार, 09 जनवरी, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शील्ड विजेताओं एवं व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार शील्ड भारतीय रेल प्रणाली में विभिन्न परिचालन एवं तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्‍साहन देने हेतु कुल 26 श्रेणियों के अंतर्गत प्रदान की गईं। राष्ट्रीय स्तर पर सभी ज़ोनल रेलवे के बीच पश्चिम रेलवे ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अनेक प्रतिष्ठित रेलवे सप्ताह शील्ड जीतीं और इस वर्ष ज़ोनल रेलवे में सबसे अधिक शील्ड प्राप्त करने वाला रेलवे बना। समग्र स्वास्थ्य सेवा शील्ड, गैर-किराया राजस्व शील्ड, ट्रैक अनुरक्षण शील्ड तथा विद्युत इंजीनियरिंग शील्ड केवल पश्चिम रेलवे को प्राप्त हुईं, जो महत्वपूर्ण परिचालन, तकनीकी एवं चिकित्सा क्षेत्रों में निरंतर उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। इसके अतिरिक्त, पश्चिम रेलवे ने सिविल इंजीनियरिंग शील्ड तथा सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन शील्ड भी मध्य रेल के साथ संयुक्त रूप से प्राप्त कीं। विनीत अभिषेक ने आगे बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर सभी जोनल रेलवेज़ से लगभग 100 रेल कर्मचारियों को व्यक्तिगत पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें से पश्चिम रेलवे के सात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी सराहनीय एवं अनुकरणीय सेवाओं के लिए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया गया, जो उनके असाधारण समर्पण, पेशेवर दक्षता तथा कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। पश्चिम रेलवे से अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार – 2025 प्राप्त करने वाले पुरस्कार विजेता इस प्रकार हैं— (1) लोको पायलट (गुड्स) श्री रामप्रबेश कुमार; (2) ट्रैक मेंटेनर–IV श्री बंटी कुमार; (3) प्वाइंट्समैन–बी श्री योगेशकुमार शर्मा; (4) सीनियर सेक्‍शन ऑफिसर श्री पिंटू शर्मा; (5) वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर श्री अंशुल बंसल; (6) उप मुख्य इंजीनियर श्री चिराग मित्तल और (7) उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री अपूर्व तिवारी मुंबई सेंट्रल मंडल के ट्रैक मेंटेनर–IV बंटी कुमार को रात्रिकालीन गश्त के दौरान टूटी हुई रेल का त्वरित पता लगाने तथा तत्परता और पेशेवर सतर्कता के साथ मौके पर ही तत्काल सुधार कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। उनके इस सराहनीय कार्य से सुरक्षित ट्रेन परिचालन सुनिश्चित हुआ और एक संभावित दुर्घटना को रोका जा सका। पश्चिम रेलवे मुख्यालय के सीनियर सेक्‍शन ऑफिसर (लेखा) पिंटू शर्मा को वित्तीय प्रणालियों एवं राजस्व लेखा प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनके द्वारा व्यवस्थित मिलान, बिलिंग एवं लेखा मॉड्यूल का स्वचालन, अचिह्नित न किए गए राजस्व की पहचान तथा विभिन्न वित्तीय प्लेटफार्मों पर डेटा की विसंगतियों के सुधार से वित्तीय सटीकता एवं पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अहमदाबाद मंडल के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) अंशुल बंसल को उदाहरणीय नेतृत्व एवं तकनीकी दक्षता के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने दोषपूर्ण ओएचई घटकों के बड़े पैमाने पर प्रतिस्थापन, विफलताओं के दौरान त्वरित बहाली तथा महत्वपूर्ण विद्युतीकरण कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के माध्यम से ट्रैक्शन अवसंरचना की विश्वसनीयता में सुधार किया, जिससे परिचालन सुरक्षा एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वडोदरा मंडल के उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर (कार्य) अपूर्व तिवारी को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणालियों के सफल कमीशनिंग तथा परंपरागत सिगनलिंग के स्थान पर आधुनिक मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC) प्रणालियों के प्रतिस्थापन को कई खंडों में लक्ष्य तिथियों से पूर्व पूर्ण करने के लिए सम्मानित किया गया। उनके इस कार्य से परियोजना निष्पादन में नए मानदंड स्थापित हुए तथा रेल परिचालन की सुरक्षा एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उप मुख्य इंजीनियर (सर्वे एवं निर्माण) चिराग मित्तल को रिकॉर्ड समय-सीमा में प्रमुख सिविल इंजीनियरिंग कार्यों के पूर्ण होने में उनकी उत्कृष्ट भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। इनमें दोहरीकरण खंडों का कमीशनिंग, महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास कार्य तथा साइडिंग परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनसे अवसंरचना क्षमता, यात्री सुविधाओं एवं परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राजकोट मंडल के लोको पायलट गुड्स (इलेक्ट्रिकल) रामप्रबेश कुमार को ट्रेन परिचालन के दौरान उनकी असाधारण सतर्कता एवं सूझबूझ के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने समय रहते एक वैगन के ढक्कन के ठीक से बंद न होने की स्थिति का पता लगाया, जिससे आग से संबंधित घटना की संभावना उत्पन्न हो सकती थी। उन्होंने तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की और उनके समय पर किए गए हस्तक्षेप से एक संभावित अग्नि दुर्घटना टल गई। भावनगर मंडल के प्वाइंट्समैन–बी योगेशकुमार शर्मा को उनके अनुकरणीय अनुशासन, समयपालनता तथा परिचालन एवं सुरक्षा निर्देशों के कठोर अनुपालन के लिए सम्मानित किया गया। उनकी निरंतर सतर्कता एवं सक्रिय दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप संभावित असुरक्षित परिस्थितियों का समय रहते पता लगाया गया और उन्हें रोका गया, जिसमें गुज़रती हुई ट्रेन के ढीले ब्रेक घटकों को सुरक्षित करना भी शामिल है। इससे उनके कार्य क्षेत्र में ट्रेनों का सुरक्षित एवं दुर्घटनारहित परिचालन सुनिश्चित हुआ। रेल सप्ताह की अनेक शील्डों तथा प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कारों की प्राप्ति में पश्चिम रेलवे का उत्कृष्ट प्रदर्शन उसके अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, पेशेवर दक्षता तथा टीम भावना का सशक्त प्रमाण है। ये उपलब्धियाँ सुरक्षा, सेवा उत्कृष्टता, नवाचार एवं अवसंरचना विकास के प्रति पश्चिम रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती हैं तथा भारतीय रेल को एक आधुनिक, दक्ष एवं यात्री-केंद्रित राष्ट्रीय परिवहन व्यवस्था के रूप में विकसित करने के व्यापक दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। सतीश/10 जनवरी