नई दिल्ली(ईएमएस)। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 से 13 जनवरी तक भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। जिसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष तौर पर आमंत्रित किया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में बताया कि यह चांसलर मर्ज की पहली भारत यात्रा होगी। 12 जनवरी को पीएम मोदी और चांसलर मर्ज के बीच अहमदाबाद में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। जिसमें भारत-जर्मनी सामरिक भागीदारी से जुड़े हुए विभिन्न पहलुओं पर व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी। इस भागीदारी को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। दोनों नेताओं की बातचीत में सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने से जुड़े हुए व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, कौशल और गतिशीलता जैसे क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही रक्षा-सुरक्षा, नवाचार, शोध, ग्रीन और सतत विकास और लोगों के बीच संबंधों के मुद्दे पर भी इस बैठकर में चर्चा की जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी और चांसलर मर्ज के बीच होने वाली बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मामलों पर भी विचार साझा किए जाएंगे। बिजनेस और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी दोनों नेता मुलाकात करेंगे। अपनी भारत यात्रा के दौरान चांसलर मर्ज बेंगलुरु भी जाएंगे। उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर जारी राजनीतिक संवाद प्रक्रिया का हिस्सा है। जिसमें दोनों देशों को अपनी भागीदारी को साझा विजन के साथ मजबूती प्रदान को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर करने का मूल्यवान अवसर मिलेगा। जो कि दोनों देशों के नागरिकों के अलावा समूची दुनिया के लिए लाभदायक है। ईरान में गैर जरूरी यात्राओं से बचें भारतीय उधर, मंत्रालय ने 5 जनवरी को ईरान में रह रहे अपने सभी नागरिकों और पीआईओ को परामर्श जारी कर अपनी सभी प्रकार की गैर जरूरी यात्राओं से बचने की अपील की है। साथ ही सतर्कता बरतने, प्रदर्शन वाले इलाकों से दूरी बनाने के लिए कहा गया है। मंत्रालय ने देश के नागरिकों से अपने परामर्श में यह भी कहा है कि अगले आदेश तक वह समाचारों, तेहरान में भारतीय दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर कड़ी नजर बनाए रखें। इसके अलावा रेजिडेंट वीजा पर ईरान में रह रहे सभी भारतीयों से मंत्रालय ने दूतावास में अपना पंजीकरण कराने के लिए कहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/06जनवरी2026