राष्ट्रीय
07-Jan-2026
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-गिनती से नहीं तेजी से हथियार इस्तेमाल से मापी जाती है परमाणु ताकत नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया, लेकिन यह जीत किसी क्रिकेट मैच या फिर अर्थव्यवस्था की रैंकिंग की नहीं है। यह रेस है तबाही के सबसे बड़े हथियार यानी परमाणु बम की। इस बार फर्क सिर्फ संख्या का नहीं रणनीति का है। दूसरा विश्व युद्ध जापान के हिरशिमा और नागासाकी में हुआ। अमेरिका के दो परमाणु बम, लिटिल बॉय और फैट मैन पूरे शहर राख बन गए। लाखों लोग मारे गए। जो बचे वो पीढ़ियों तक बीमारियों से जूझते रहे हैं। इसके बावजूद दुनिया ने परमाणु हथियारों से दूरी नहीं बनाई बल्कि एक नई परमाणु दौड़ शुरू कर दी है। दावा किया जाता है कि परमाणु हथियार युद्ध रोकते हैं क्योंकि कोई भी देश इतना बड़ा जोखिम नहीं लेना चाहता। सच्चाई यह है कि अगर यह हथियार चले तो युद्ध नहीं पूरी मानवता खत्म हो जाएगी। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी कि एसआईपीआरआई सिपरी ने अपनी 2025 की रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में जनवरी 2025 तक दुनिया के परमाणु हथियारों की पूरी तस्वीर सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास 180 परमाणु हथियार, पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार, चीन के पास करीब 600 परमाणु हथियार, रूस के पास 5459 और अमेरिका के पास 5177 परमाणु हथियार हैं यानी अमेरिका सबसे आगे है। चीन भले ही भारत से बहुत आगे है लेकिन भारत उतनी ही तेजी से परमाणु हथियार डेवलप कर रहा है। भारत और पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की संख्या में करीब-करीब बराबर है या फिर आसपास है लेकिन चीन बहुत आगे है। अब सवाल है फिर भी भारत कैसे आगे? क्योंकि कहा जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया। क्योंकि परमाणु ताकत सिर्फ गिनती से नहीं मापी जाती है। असल पैमाना है कितनी तेजी से हथियार इस्तेमाल हो सकता है। कितनी दूर तक मार कर सकता हैं। कितने सुरक्षित और भरोसेमंद है और यहीं से भारत की रणनीतिक बढ़त शुरू हो जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 2024 में परमाणु हथियारों में गुणात्मक बदलाव किया। भारत की नीति थी परमाणु हथियार अलग, लांचर अलग, शांति काल में अलग-अलग भंडार, लेकिन अब मिसाइलें कैनिस्टर्स में सील होती है। हमेशा तैयार रहती हैं। जल्द लॉन्च होती है। ज्यादा सुरक्षित होती हैं। इसका मतलब तेज परमाणु प्रतिक्रिया दुश्मन को कोई मौका नहीं मिलेगा और भरोसेमंद डेट्रेंस। यहीं पर भारत को पाकिस्तान पर बढ़त मिल जाती है। पाकिस्तान को लेकर दुनिया भर में एक सवाल हमेशा उठता है, क्या पाकिस्तान के परमाणु हथियार सुरक्षित हाथों में है? सिराज/ईएमएस 07 जनवरी 2026