राष्ट्रीय
10-Jan-2026
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हैदराबाद(ईएमएस)। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के सख्त प्रावधानों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। धुले में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही इस कानून को इतना कठोर बनाया, जिसका खामियाजा आज अल्पसंख्यक समुदाय के युवा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे, तब यूपीए सरकार के दौरान यूएपीए में ऐसे संशोधन किए गए जिन्होंने आतंकवाद की परिभाषा को बहुत अधिक व्यक्तिपरक बना दिया।ओवैसी ने उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे विचाराधीन कैदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये युवा पिछले साढ़े पांच साल से जेल में हैं और उन्हें जमानत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन आरोपियों को जमानत न देने के पीछे वही कानूनी आधार हैं, जिनके खिलाफ उन्होंने वर्ष 2007-08 में संसद के भीतर आवाज उठाई थी। ओवैसी के अनुसार, अधिनियम की धारा 15(ए) में किसी भी अन्य तरीके से जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो बेहद अस्पष्ट हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसे व्यक्तिपरक प्रावधानों का दुरुपयोग किसी के भी खिलाफ किया जा सकता है, यहाँ तक कि लेखिका अरुंधति रॉय को भी उनके विचारों के लिए निशाना बनाया जा सकता है। कांग्रेस से सवाल पूछते हुए ओवैसी ने कहा कि क्या आजादी के बाद कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता डेढ़ या पांच साल तक जेल में रहा है? उन्होंने यूएपीए की धारा 43डी का विशेष रूप से जिक्र किया, जो पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने से पहले किसी आरोपी को 180 दिनों तक हिरासत में रखने की अनुमति देती है। ओवैसी ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों से जुड़े लगभग 100 प्रतिशत मामलों में जांच एजेंसियां इस अधिकतम अवधि का इस्तेमाल करती हैं ताकि उन्हें बिना सुनवाई के लंबे समय तक जेल में रखा जा सके। ओवैसी ने कड़े लहजे में कहा कि जमीनी हकीकत और उम्मीदों में बड़ा फर्क होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार वर्दीधारी व्यक्तियों के मन में कुछ समुदायों के प्रति नफरत की भावना होती है, जिसका प्रभाव कानूनी कार्रवाइयों में दिखता है। उन्होंने कहा कि उनके ये तमाम तर्क लोकसभा के रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जहां उन्होंने पहले ही आगाह कर दिया था कि इन संशोधनों के जरिए भविष्य में युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होगा। ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल अक्सर वर्तमान सरकार पर कानूनों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हैं, लेकिन ओवैसी ने इन कानूनों की जड़ों के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/10जनवरी2026