राज्य
07-Jan-2026


कांग्रेस में अपनी डफली, अपना राग, चल रहीं दो समानांतर यात्राएं भोपाल (ईएमएस)। आलाकमान के लाख प्रयासों के बावजूद मध्यप्रदेश कांग्रेस गुटबाजी से मुक्त नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा भी उसे पिछले करीब 22 सालों से विपक्ष में बैठकर उठाना पड रहा है। इसके बावजूद पार्टी के नेता सुधरने को तैयार नहीं है। स्थिति यह है कि एक ही समय में दो बड़े नेता दो जगह से पदयात्रा निकाल रहे हैं। मुद्दे भी ऐसे हैं जो बहुत अपील नहीं करते। जब सारा प्रदेश दूषित पेयजल से हो रही मौतों पर चिंतित है, तब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सीहोर जिले से मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और एक्ट में बदलाव करने के विरोध में पदयात्रा कर रहे हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी रायसेन जिले में बूथ चलो, गांव चलो यात्रा निकाल रहे हैं। यही वजह है कि संगठन से सड़क तक कांग्रेस की कमजोरी दूर नहीं हो पा रही है। मुद्दों से दूर होकर सत्ता में वापसी का सपना देखने वाले कांग्रेस नेताओं के पास जनता की नब्ज टटोलने का कोई फार्मूला फिलहाल नहीं दिखता। दोनों के मुद्दे जनता को फिलहाल अपील नहीं कर पा रहे। कुछ दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस नेतृत्व के सामने मुश्किलें खड़ी करने वाले दिग्विजय सिंह की सक्रियता बता रही है कि वे भी अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं। बता दें, जून में दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस में चल रही दो समानांतर पदयात्राओं ने पार्टी के अंदर की गुटबाजी को फिर से हवा दे दी है। पहले कांग्रेस में जिस तरह महाकोशल अंचल में कमल नाथ कांग्रेस, मध्य भारत में दिग्विजय सिंह कांग्रेस, ग्वालियर- चंबल में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस, विंध्य में अजय सिंह कांग्रेस और मालवा में अरुण यादव की कांग्रेस अलग-अलग दिखाई पड़ती थी। इस बारे में मप्र कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता शैलेंद्र पटेल का कहना है कि दोनों कार्यक्रम तयशुदा थे। दोनों कार्यक्रम एआईसीसी और पीसीसी के सर्कुलर के हिसाब से हुए हैं। पार्टी पूरी ताकत से जनता की लड़ाई लड़ रही है। सुदामा नरवरे/7 जनवरी 2026