दुर्ग(ईएमएस)। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) टाउनशिप क्षेत्र में एक ठेका श्रमिक गंभीर हादसे का शिकार हुआ है। आरोप है कि ठेकेदार ने उसे बिना सुरक्षा उपकरण के झुके हुए पोल पर जबरन चढ़ाया, जिससे करीब 15 फीट की ऊंचाई से गिरने पर वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित का कहना है कि प्रबंधन ने उचित इलाज और मुआवजा देने में चार महीने तक कोई मदद नहीं की। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर SP दुर्ग ने बीएसपी प्रबंधक राजकिशोर, दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू, महिपाल देशमुख और ठेकेदार शंकर दयाल सिंह के खिलाफ धारा 289, 125 (बी) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। पीड़ित ललित कुमार चन्द्राकर, ग्राम चंदखुरी का रहने वाला, पिछले करीब 12 सालों से बीएसपी टाउनशिप में ठेका श्रमिक के रूप में विद्युत कार्य कर रहा है। शिकायत के अनुसार 3 सितंबर 2025 को शाम करीब 4 बजे, ठेकेदार शंकर दयाल सिंह ने उसे सेक्टर-06, जगदंबा मंदिर के पास एक बिजली पोल पर काम कराने ले गया। पोल चैनल पोल और मुड़ा हुआ/खराब स्थिति वाला था, जिसे क्रेन से खड़ा किया गया। ललित कुमार ने बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और गमबूट के पोल पर चढ़ने से मना किया और घटना की आशंका जताई, लेकिन ठेकेदार और अन्य अधिकारियों ने “कुछ नहीं होगा” कहकर उसे जबरन चढ़ा दिया। काम के दौरान क्रेन से पोल टिकाकर रस्सी से खींचा जा रहा था, इसी बीच कमर में लगा झूला खिसक गया और ललित करीब 15 फीट नीचे गिर गया। हादसे में उसके दाहिने हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर आया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई और फिर ESI एवं हाइटेक अस्पताल रेफर किया गया। घटना स्थल पर बीएसपी प्रबंधन के अधिकारी राजकिशोर, दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू और महिपाल देशमुख भी मौजूद थे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि चार महीने बीत जाने के बाद भी न मुआवजा मिला और न कोई सहायता, जबकि ठेकेदार ने केवल स्वस्थ होने पर काम पर लौटने और मुआवजा देने का आश्वासन दिया था। सत्यप्रकाश(ईएमएस)07 जनवरी 2026