क्षेत्रीय
07-Jan-2026
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- वरना बढ़ जाएंगी आपकी मुश्किलें भोपाल (ईएमएस)। यदि साइबर अपराध घटित होने पर आपने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ई जीरो एफआईआर दर्ज कराई है तो अब शिकायत के तीन दिन के अंदर संबंधित थाने पर पहुंचकर बयान दर्ज कराना होगा। ई-एफआईआर की पेंडेंसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने इसमें बयान की समय सीमा तय कर दी है। अब यदि शिकायतकर्ता द्वारा ई एफआईआर के बाद तीन दिन के अंदर संबंधित थाने पर पहुंचकर बयान दर्ज नहीं कराया तो संबंधित को नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। नोटिस के तीन दिन बाद भी यदि शिकायतकर्ता थाने नहीं पहुंचा तो शिकायत को निरस्त कर दिया जाएगा। बीएनएसएस की धारा 173 के तहत जीरो एफआईआर को कानूनी मान्यता दे दी गई है। इसके तहत यदि एक लाख रुपए से अधिक की किसी के साथ वित्तीय धोखाधड़ी हुई तो फरयादी ऑनलाइन तरीके से ई जीरो एफआईआर दर्ज करा सकता है। ताकि ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा सके और वित्तीय हानि को कम से कम किया जा सके। ई एफआईआर दर्ज कराते ही शिकायत भोपाल के केंद्रीय साइबर पुलिस को पहुंचती है। इसके बाद इस पर कार्रवाई शुरू की जाती है, लेकिन अब ऐसे सभी ई एफआईआर के मामलों की संबंधित रेंज के डीआईजी को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें डीआईजी जोन रेंज, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त क्राइम भोपाल और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त क्राइम इंदौर को अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल अधिकारी बनाया गया है। तीन दिन में दर्ज कराना होगा बयान पुलिस मुख्यालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नोडल अधिकारियों को हर माह राज्य साइबर मुख्यालय को ई जीरो एफआईआर की रिपोर्ट भेजनी होगी। इसमें यह भी बताना होगा कि ई जीरो एफआईआर में शिकायत के बाद कितने शिकायतकर्ता द्वारा उपस्थित होकर बयान दर्ज कराए गए। कितने शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए और कितनी शिकायतों को निरस्त किया गया। किसी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मामले की जांच करा सकते हैं और संबंधित मामले में एसआईटी का भी गठन किया जा सकता है। 29 दिवसीय कर्मचारियों को मिलेगा 10 महीने का एरियर -भोपाल नगर निगम के 12 हजार से अधिक कर्मचारियों के लिए खुशखबरी भोपाल (ईएमएस)। नगर निगम के 29 दिवसीय कर्मचारियों को 10 महीने का एरियर देने के लिए निगम के वित्त विभाग ने पत्र जारी किया है। इसमें वित्त विभाग ने सभी शाखा प्रभारी सहित नगर निगम के सभी 21 जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और जोनल अधिकारियों से कर्मचारियों की जानकारी मांगी है। वित्त विभाग ने जारी लेटर में साफ कहा है कि कर्मचारी की उपस्थिति के हिसाब से ही पत्रक बनाकर भेजे जाएं। दरअसल, नगर निगम के सभी विभागों में लगभग 12 हजार से अधिक 29 दिवसीय कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हें कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान किया जाता है। बीते साल नई कलेक्टर दरें लागू हो चुकी हैं। इसके आदेश भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब जाकर निगम कर्मचारियों को एरियर देने जा रहा है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिये थे। निगम अधिकारियों ने बताया कि 29 दिवसीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को एक मई 2024 से 28 फरवरी 2025 तक का एरियर दिया जाएगा। यह कुल 10 महीने के वेतन का एरियर होगा, इसलिए सभी शाखा प्रभारी सहित सभी 21 जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और सभी 21 जोन के जोनल अधिकारियों से उनके यहां काम कर रहे कर्मचारियों के पत्र मांगे गए हैं। विनोद / 07 जनवरी 26