राज्य
07-Jan-2026


लखनऊ (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश में एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा भाजपा हलकान दिख रही है। इसकी वजह यह है कि जिन जिलों में सबसे ज्यादा नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं वहां भाजपा की अच्छी पकड़ मानी जाती है। इसके अलावा भाजपा में हड़कंप मचने का एक कारण यह भी है कि अधिकतर शहरी क्षेत्रों के नाम मतदाता सूची से ज्यादा बाहर हुए हैं और यहां भाजपा का ही प्रभाव माना जाता है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अपने मंत्रियों और विधायकों को सख्त हिदायत दी है कि छूटे हुए पात्र वोटरों के नाम जोड़वाएं और अपात्रों को हटवाएं। उन्होंने चेताया कि अगर इस काम में कोताही बरती गई तो सबसे बड़ा नुकसान खुद का होगा। सीएम ने मंत्रियों को अपने-अपने प्रभारी जिलों में कैंप करने और एसआईआर प्रक्रिया पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब लापरवाही का समय नहीं है। क्षेत्र में रहकर काम करें, ताकि कोई योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे। योगी का मानना है कि मतदाता सूची पर आज की मेहनत भविष्य की राह आसान बनाएगी। विदित हो कि चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रदेश भर से करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं। पहले 15.44 करोड़ वोटर थे, अब ड्राफ्ट में सिर्फ 12.55 करोड़ बचे हैं। सबसे ज्यादा कटौती लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, बरेली, गोरखपुर, मेरठ, सीतापुर और जौनपुर जैसे जिलों में हुई है। इनमें से कई इलाके भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, जिससे पार्टी को अपने समर्थकों के वोट कटने की चिंता सता रही है। योगी पहले भी कह चुके हैं कि कटे नामों में 80-90 फीसदी भाजपा समर्थक हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं से एसआईआर अभियान में सक्रिय होने की अपील की थी। अब ड्राफ्ट आने के बाद उन्होंने इमरजेंसी मोड में मीटिंग बुलाकर टारगेट दिए हैं। जितेन्द्र 07 जनवरी 2025