कोरबा (ईएमएस) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा दीपका कोयला खदान में परियोजना अंतर्गत ब्लास्टिंग के दौरान एक कर्मी लखन पटेल, निवासी रैकी की दर्दनाक मृत्यु ने पूरे कोयला क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। यह हादसा उस समय हुआ, जब अमानक तरीके से ब्लास्टिंग कराई जा रही थी। बताया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर ब्लास्टिंग कराई जा रही थी, जिसकी चपेट में आकर कर्मी की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, ब्लास्टिंग से पहले न तो पर्याप्त सेफ्टी ज़ोन बनाया गया और न ही कर्मियों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर किसके आदेश पर और किन परिस्थितियों में यह खतरनाक ब्लास्टिंग कराई जा रही थी ? इस घटना के बाद खदान क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने दीपका प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यहां पहले भी कई बार नियमों की अनदेखी कर उत्पादन के दबाव में जान जोखिम में डाली गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपका खदान में “उत्पादन पहले, सुरक्षा बाद में” की नीति खुलेआम चल रही है। अगर समय रहते अमानक ब्लास्टिंग पर रोक लगाई जाती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती, तो शायद आज एक और परिवार उजड़ने से बच जाता। 07 जनवरी / मित्तल