- सुरक्षित रास्ता नहीं तो काम रोकने की चेतावनी कांकेर(ईएमएस)। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापटनम तक बन रही सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे भले ही भविष्य में विकास की रफ्तार बढ़ाए, लेकिन वर्तमान में नरहरपुर क्षेत्र के मावलीपारा गांव के ग्रामीणों, खासकर स्कूली बच्चों के लिए यह जानलेवा साबित हो रही है। निर्माण कार्य के दौरान मावलीपारा हाईस्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं छोड़े जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने ग्रामसभा बुलाकर एक दिन के लिए निर्माण कार्य रुकवा दिया था। प्रशासन और निर्माण एजेंसी द्वारा समझाइश और आश्वासन के बाद काम तो शुरू हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो दोबारा काम बंद करा दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर अंडरपास तो दिया गया है, लेकिन उसमें गड्ढा खोदे जाने के कारण पानी भरा हुआ है। नतीजतन बच्चों और ग्रामीणों को निर्माण क्षेत्र के बीच से, भारी मशीनों और तेज रफ्तार वाहनों के बीच जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। हर दिन हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर न तो प्रशासन और न ही निर्माण एजेंसी कोई ठोस कदम उठा रही है। जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने तक नहीं आए हैं। ग्रामसभा में मौजूद सरपंच सियाराम कोसमा ने बताया कि बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ता, अंडरपास सुधार या सर्विस रोड की मांग को लेकर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को कई बार लिखित आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन हर बार अनदेखी की गई। उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे या जानमाल की हानि के बाद ही जागेगा।” ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित और स्थायी रास्ता नहीं बनाया गया, तो भारतमाला सिक्स लेन का निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं होने दिया जाएगा और आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा। ईएमएस(राकेश गुप्ता)08 जनवरी 2026