राज्य
08-Jan-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के सायन-कोलीवाड़ा प्रभाग में बगावत का मामला अब भाजपा पर उल्टा पड़ गया है। शिवसेना की याचिका पर संज्ञान लेते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने आखिरकार भाजपा और अन्य सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। सुनवाई में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सवाल किया कि भाजपा इस मामले पर चुप क्यों है। आपको बता दें कि पूजा कांबले इस प्रभाग से शिवसेना की महायुति गठबंधन की आधिकारिक उम्मीदवार हैं। हालांकि, भाजपा की शिल्पा केलुस्कर ने बगावत कर अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने एक फर्जी एबी फॉर्म, एक कलर फोटोकॉपी भी लगाई और खुद को महायुति उम्मीदवार बताकर प्रचार शुरू कर दिया। आखिरकार, पूजा कांबले के पति महेश कांबले ने इस मामले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में कांबले की मुख्य मांग यह है कि फर्जी एबी फॉर्म के साथ दाखिल किए गए केलुस्कर के नामांकन पत्र रद्द किए जाएं। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायाधीश गौतम अखंड की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वे इस बगावत को नहीं रोक सकते। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या याचिकाकर्ता याचिका वापस लेंगे। कांबले के प्रतिनिधियों के इनकार करने के बाद, हाई कोर्ट ने याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली और बुधवार को भाजपा चुनाव आयोग और उम्मीदवार शिल्पा केलुस्कर को नोटिस जारी कर मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। इस पर, चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखते हुए हाई कोर्ट में स्पष्ट किया कि शिल्पा केलुस्कर का आवेदन नियमों के अनुसार जमा किया गया था, और इसलिए इसे वैध माना गया। चुनाव आयोग के वकील सचिंद्र शेट्टी ने पहले अदालत को बताया था कि कांबले द्वारा उठाई गई आपत्ति का औपचारिक जवाब दे दिया गया है। संजय/संतोष झा- ०७ जनवरी/२०२६/ईएमएस