- विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या नहीं, प्रतोद को मंत्री के दर्जे से रहना पड़ेगा वंचित मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए विधानमंडल में राजनीतिक पार्टियों के चीफ व्हिप और व्हिप को अब मंत्री का दर्जा देने का निर्णय लिया है।इस संदर्भ में संसदीय कार्य विभाग ने यह सरकारी आदेश जारी किया है। इस फैसले के अनुसार, विधानमंडल में राजनीतिक पार्टियों के चीफ व्हिप और व्हिप (मुख्य प्रतोद व प्रतोद) को अब मंत्री का दर्जा मिलेगा। चीफ व्हिप को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा, जबकि व्हिप को राज्य मंत्री का दर्जा मिलेगा। यह फैसला विधानसभा और विधान परिषद दोनों जगह लागू होगा। हालांकि, इसमें एक शर्त जोड़ी गई है, जिससे विपक्षी पार्टियों के लिए मुश्किल हो सकती है। नए फैसले के अनुसार, चीफ व्हिप और व्हिप को मंत्री का दर्जा तभी मिलेगा जब उनकी राजनीतिक पार्टी के पास सदन में कुल सदस्यों का 10 प्रतिशत हो। नतीजतन, यह शर्त विपक्षी प्रतोद के लिए समस्या पैदा करेगी, क्योंकि विपक्ष के पास इस फैसले की शर्तों के अनुसार ज़रूरी संख्या में सदस्य नहीं हैं। इसलिए, विपक्षी प्रतोद को मंत्री के दर्जे से वंचित रहना पड़ेगा। उन्हें इस फैसले का फायदा नहीं मिलेगा। महा विकास अघाड़ी को लोकसभा चुनावों में बड़ी सफलता मिली थी। महायुति के कई बड़े नेताओं को लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, महा विकास अघाड़ी विधानसभा चुनावों में इस सफलता को बरकरार नहीं रख पाई। विधानसभा चुनावों में महा विकास अघाड़ी की तीनों पार्टियों- कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), और एनसीपी (शरद पवार गुट) को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। दरअसल भाजपा महायुति ने राज्य में बड़ी सफलता हासिल की और स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। महायुति ने राज्य में 232 सीटें जीतीं, जबकि महा विकास अघाड़ी को सिर्फ 50 सीटों से संतोष करना पड़ा। इस बीच, पर्याप्त संख्या न होने के कारण महा विकास अघाड़ी को अब कई मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्हें प्रतोद को मंत्री का दर्जा देने के सरकार के फैसले का फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि उनके पास ज़रूरी संख्या में सदस्य नहीं हैं। इसलिए, ये प्रतोद मंत्री के दर्जे से वंचित रहेंगे। संजय/संतोष झा- ०७ जनवरी/२०२६/ईएमएस