राज्य
08-Jan-2026
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हरिद्वार (ईएमएस)। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने रेल परिवहन क्षेत्र के लिए अपनी मेक इन इंडिया पहलों में एक प्रमुख उपलब्धि हासिल की है। इसके अंतर्गत टीआरएसएल के साथ बीएचईएल के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा निष्पादित की जा रही प्रतिष्ठित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टर्स की आपूर्ति प्रारम्भ कर दी गई है। इस संबंध में, आज बीएचईएल के बेंगलुरु प्लांट में एक फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर, सुश्री बानी वर्मा, निदेशक (औद्योगिक प्रणाली और उत्पाद), बीएचईएल ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए सेमी-हाई-स्पीड अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टर्स के प्रथम सेट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एसएम रामनाथन, निदेशक (इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास), बीएचईएल और उमेश चैधरी, उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीआरएसएल ने वर्चुअल माध्यम से इस समारोह में भाग लिया। उल्लेखनीय है कि यह सेमी-हाई-स्पीड प्रोपल्शन सेगमेंट में बीएचईएल के रणनीतिक प्रवेश को दर्शाता है। ट्रैक्शन कन्वर्टर्स को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की अंतिम असेंबली के लिए कोलकाता भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, इन ट्रेनों के लिए ट्रैक्शन मोटर्स और ट्रांसफॉर्मर्स जैसे अन्य प्रमुख प्रोपल्शन उपकरण इसकी भोपाल और झांसी इकाइयों द्वारा विकसित और निर्मित किए गए हैं। अत्याधुनिक आईजीबीटी-आधारित ट्रैक्शन कन्वर्टर्स से लैस, अंडरस्लंग डिजाइन में प्रोपल्शन उपकरण को ट्रेन कार के नीचे लगाया जाता है, जिससे यात्रियों की सुविधाओं के लिए ट्रेन के अंदर पर्याप्त जगह उपलब्ध हो जाती है और ट्रेन की कुल पेलोड क्षमता बढ़ जाती है। इस प्रोपल्शन सिस्टम की विशेषता है कि इसे 176 किमी प्रति घंटे की स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है तथा इससे 160 किमी प्रति घंटे तक की परिचालन गति प्राप्त की जा सकती है। इस सिस्टम की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि यह लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रओं के दौरान विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत थर्मल प्रबंधन का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाला पावर रूपांतरण करता है। ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रें में देश का अग्रणी विनिर्माण उद्यम बीएचईएल, पावर, पारेषण, परिवहन, रक्षा और उद्योग में सर्वोत्तम श्रेणी के स्वदेशी समाधान प्रदान करता है। लोकोमोटिव और डिस्ट्रिब्यूटेड पावर ट्रेनों के लिए जटिल प्रौद्योगिकियों के सफल स्वदेशीकरण द्वारा, बीएचईएल परिवहन और रोलिंग स्टॉक क्षेत्रें में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को आगे बढ़ाने में अग्रणी रहा है। (फोटो-10) शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/08 जनवरी 2026