राज्य
09-Jan-2026


- वल्लभ भवन समेत दूसरे ऑफिस देरी से पहुंचे भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के अटेंडेंस को लेकर सरकार सख्त है। सरकार ने पहले ही फेस अटेंडेंस जैसी सुविधा रखी है, उसके बावजूद भी अधिकारी-कर्मचारी समय का ध्यान नहीं रखते हैं, जिसके चलते मुख्यमंत्री सख्त दिखाई दे रहे हैं। मध्य प्रदेश में फाइव डे वर्किंग सिस्टम लागू है, जिसके चलते शनिवार-रविवार के दिन छुट्टी रहती है। कर्मचारियों को पांच दिन काम करना होता है और दो दिनों की छुट्टी मिलती है। इसके बावजूद भी कई अधिकारी- कर्मचारी दफ्तर समय पर नहीं पहुंचते हैं। जिसके चलते सरकार ने नकेल कसने के लिए ई-अटेंडेंस और फेस अटेंडेंस जैसी सुविधा शुरू की थी। उसके बावजूद भी अटेंडेंस में सुधार नहीं दिखा, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नाराजगी अधिकारियों की बैठक पर जाहिर की। वहीं अटेंडेंस को लेकर सख्ती दिखाई। इसके बाद पड़ताल की गई तो पता चला कि कर्मचारी समय पर ऑफिस नहीं पहुंचे हैं। वल्लभ भवन और भोपाल नगर निगम के ऑफिस दोनों जगह कर्मचारी लेट दिखाई दिए, यानी कह सकते हैं कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के आदेश की धज्जियां उड़ाते अधिकारी और कर्मचारी दिखाई दिये। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद कर्मचारियों की मनमानी मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों की बैठक में कहा कि सुबह 10 बजे अधिकारी-कर्मचारी दफ्तर पहुंचेंगे और शाम 6 बजे तक दफ्तर में रहें। उसके बावजूद भी अधिकारी-कर्मचारी अपनी मनमर्जी करते दिखाई दिए, हालांकि मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ कह दिया है कि यदि नियम का पालन नहीं करेंगे तो आने वाले समय में फाइव डे वर्किंग को बंद कर सिक्स डे वर्किंग शुरू की जाएगी। अधिकारी-कर्मचारी जनता के काम के लिए बैठे हैं इस पूरे मामले को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि अधिकारी-कर्मचारी जनता की समस्या सुनने के लिए बैठे हैं। जनता के काम के लिए बैठे हैं, इसलिए सभी अधिकारी कर्मचारियों को समय पर आना चाहिए। हालांकि सरकार कर्मचारियों-अधिकारियों की अटेंडेंस को लेकर पहले भी आदेश जारी कर चुकी है। उसके बावजूद भी सरकारी दफ्तरों का हाल बेहाल है। विनोद / 09 जनवरी 26