नई दिल्ली (ईएमएस)। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फिल्म धुरंधर पर संयुक्त अरब अमीरात और पश्चिम एशिया के कई अन्य देशों द्वारा लगाए गए एकतरफा प्रतिबंध को लेकर हस्तक्षेप करने की अपील की है। आईएमपीपीए ने प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताया है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आईएमपीपीए ने कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से प्रमाणपत्र मिलने के बावजूद फिल्म को संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और सऊदी अरब में प्रतिबंधित किया गया है। आईएमपीपीए ने पत्र में कहा कि हम आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि उक्त देशों द्वारा फिल्म धुरंधर पर लगाए गए एकतरफा और अनुचित प्रतिबंध के संबंध में हस्तक्षेप करें। आईएमपीपीए ने कहा, हमारे सदस्य निर्माता ने यह फिल्म बनाई है और सीबीएफसी से प्रमाणन मिलने के बाद फिल्म को रिलीज किया है। उक्त देशों द्वारा लगाया गया प्रतिबंध हमारे सदस्य की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। यह पत्र पिछले महीने आई उन खबरों के बाद लिखा गया है, जिनमें कहा गया था कि “धुरंधर” को खाड़ी देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह पत्र केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी भेजा गया है। सुबोध/०८ -०१-२०२६