नई दिल्ली (ईएमएस)। तीरंदाज अंकिता भकत आजकल 2026 एशियाई खेलों की तैयारियों में लगी हैं। अंकिता एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हैं। इसमें वह अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ औसत स्कोर पार करना चाहती हैं। उनका मानना है कि अगर तकनीक पर पूरी पकड़ बन गई, तो वह बड़े मंच पर देश के लिए बड़ा पदक जीत सकती हैं। अंकिता ने अपनी मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से पहचान बनाई है। पिछले साल उसने दक्षिण कोरिया में विपरीत हालातों में अभ्यास किया था। पेरिस ओलंपिक 2024 में चौथे स्थान पर रहने के कुछ महीनों बाद ही उन्होंने खुद को और बेहतर बनाने का फैसला लिया। अंकिता ने हाल ही में टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता कांग चेयॉन्ग और जांग मिन ही को हराया, वहीं पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सु-ह्योन पर भी जीत दर्ज की। ऐसे में अब वह एशियाई खेलों को लेकर उत्साह से भरी हैं। अंकिता ने बहुत कम उम्र में कोलकाता के सर्कस ग्राउंड से तीरंदाजी शुरू की थी। लकड़ी के धनुष से शुरुआत कर उन्होंने टाटा आर्चरी अकादमी, जमशेदपुर तक का सफर तय किया। 2016 में पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली और तब से अब तक वह कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। 2023 एशियन गेम्स में टीम ब्रॉन्ज भी उनके खाते में है।पेरिस ओलंपिक में हालांकि कुछ निर्णायक तीर निशाने से रह गये थे जिससे वह असफल रहीं। अंकिता का साफ कहना है कि हर खिलाड़ी से कभी-कभी गलती होती है और वह उन पलों को सीख की तरह लेती हैं। कोच के अनुसार वह अब पहले से बेहतर हुई है। गिरजा/ईएमएस 09जनवरी 2026