:: गुजराती अस्मिता कार्यक्रम में झलकी गौरवमयी विरासत, समाज की शैक्षणिक और सेवाभावी प्रतिबद्धता की सराहना :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में गुजराती समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए सूरत (गुजरात) के राज्यसभा सांसद गोविंदभाई धोलकिया ने कहा कि एक शताब्दी पूर्व यहाँ आए गुजरातियों की दूरदृष्टि और कर्मठता ने ही इंदौर को एक नया विस्तार दिया है। गुजराती समाज इंदौर द्वारा आयोजित गुजराती अस्मिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धोलकिया ने उन पूर्वजों को नमन किया, जिन्होंने अपनी सोच और कर्म से इंदौर की माटी में गुजराती संस्कृति को जीवंत किया। इस गरिमामयी शाम में इंदौर की राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, उज्जैन की राज्यसभा सांसद माया नारोलिया और सूरत के पूर्व महापौर जगदीशभाई पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अध्यात्म के प्रति गहरे रुझान रखने वाले धोलकिया ने जीवन की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि सृष्टि में सुख और दुख की अनुभूति हमारे स्वयं के स्वभाव से उपजती है। उन्होंने इसे एक जड़ी-बूटी के समान बताते हुए कहा कि हमारी पहचान हमारे व्यवहार से होती है। यदि हम यह जान लें कि मैं कौन हूँ और अपने स्वभाव को पहचान लें, तो जीवन की जटिलताएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं। समाज की शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए गुजराती समाज के मानद महामंत्री पंकजभाई संघवी ने बताया कि समाज की संस्थाएं आज आर्ट्स, कॉमर्स, मेडिकल, लॉ और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं। उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि इंदौर का लगभग हर तीसरा विद्यार्थी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से गुजराती समाज की शिक्षण संस्थाओं की उपज है। सेवा के क्षेत्र में समाज की तत्परता का जिक्र करते हुए उन्होंने गुजरात भूकंप और लॉकडाउन के दौरान किए गए राहत कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया। राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार ने भावुक होते हुए कहा कि शैक्षणिक रूप से यह समाज अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने गर्व से साझा किया कि वह स्वयं इसी समाज द्वारा संचालित लॉ कॉलेज की छात्रा रही हैं। उन्होंने समाज की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए अग्रिम शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में समाज के उपाध्यक्ष गोविंदभाई पटेल ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठ पदाधिकारीगण - दीपकभाई मोदी, भरतभाई बावीशी, अमितभाई दवे, नरेंद्रभाई वी. पटेल, राजेंद्रभाई पटेल और पूर्व अध्यक्ष मनोजभाई परीख सहित प्रबंध समिति के सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन में विभिन्न संस्थाओं के प्राचार्य और स्टाफ ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन अमितभाई दवे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन गोविंदभाई पटेल ने माना। प्रकाश/9 जनवरी 2025