सिंगरौली// ईएमएस चितरंगी- एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर और हर सार्वजनिक स्थान पर शौचालय निर्माण का दावा कर रही है, वहीं चितरंगी तहसील परिसर की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। तहसील कार्यालय, जहां रोजाना सैकड़ों लोग अपने राजस्व और अन्य शासकीय कार्यों के लिए पहुंचते हैं, वहां बुनियादी सुविधा के नाम पर एक अदद शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। *महिलाएं एवं बुजुर्ग हो रहे है परेसान* तहसील परिसर में नामांतरण, प्रमाण पत्र और अन्य कार्यों के लिए दूर-दराज के गांवों से लोग आते हैं। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की होती है। परिसर में सुलभ शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण इन्हें भारी शर्मिंदगी और परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में लोगों को खुले में जाना पड़ता है या परिसर से काफी दूर सार्वजनिक स्थानों की तलाश करनी पड़ती है, जिससे उनका समय भी बर्बाद होता है और काम में भी देरी से होता है। *हैरानी की बात यह कि बना हुआ शौचालय भी गायब* स्वच्छ भारत मिशन के दावे सवालों के घेरे में हैं। हैरानी की बात यह है कि बताया जा रहा है कि तहसील परिसर में पहले शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में उसका कोई अस्तित्व नजर नहीं आता स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक कार्यालय होने के बावजूद यदि शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े दावे यहां जमीनी हकीकत से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं लोगों ने मांग की है कि तहसील परिसर में शीघ्र ही सुलभ, स्वच्छ एवं दिव्यांग-अनुकूल शौचालय का निर्माण कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है। सिंगरौली// ईएमएस- सूरज सिंह 10 जनवरी 2026