क्षेत्रीय
10-Jan-2026


कंपनियों में लगातार हो रहे हादसे से प्रबंधन और श्रम विभाग की चुप्पी 2 दिन पहले केजेवी कंपनी में हो चुका है हादसा छिंदवाड़ा (ईएमएस)। । बोरगांव औद्योगिक क्षेत्र से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ स्थित गुलशन कंपनी में बॉयलर बेल्ट में फंसने के कारण एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई है। लगातार हादसों से बोरगांव की फैक्ट्रियां अब मजदूरों के लिए डेथ ट्रैप बनती जा रही हैं। बावजूद इसके कंपनी प्रबंधन एवं श्रम विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है,शनिवार को हुई घटना में कबर पीपला निवासी ५४ वर्षीय कामगार धनराज गुजवार की दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार कामगार की शाम 4 बजे के लगभग गुलशन कंपनी में बॉयलर में सफाई करने के दौरान बेल्ट में फंसने के कारण मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घंटो तक कामगार धनराज की लाश बेल्ट में फसी रही। घटना की जानकारी कामगारों को मिलने के बाद में कंपनी में हाहाकार मच गया। इधर क्षेत्रीय विधायक विजय चौरे ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि बहुत दर्दनाक घटना है, ऐसी घटनाएं होनी नहीं चाहिए, जब तक कामगार को न्याय नहीं मिलेगा तब तक वे क्षेत्र के बाहर नही जाएंगे, उन्होंने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच करने के साथ दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही विधायक चौरे ने कहा कि पीडि़त को न्याय के साथ उचित मुआवजा मिलना चाहिए। हादसे की खबर मिलते ही सौसर एसडीएम सिद्धार्थ पटेल, लोधीखेड़ा थाना प्रभारी एबी मर्सकोले, कॉलेज सौसर थाना प्रभारी रूपलाल उईके ने टीम के साथ में पहुंचकर मोर्चा संभाला। समाचार लिखे जाने तक कंपनी परिसर में गहमा गहमी और अधिकारियों के द्वारा जांच चर्चा जारी रही। कंपनियों में लगातार हो रहे हादसे अधिकारी मौन गुलशन कंपनी के बेल्ट में फंसकर मजदूर की दर्दनाक मौत कोई पहला हादसा नहीं है। इसके पूर्व भी कई हाथ से औद्योगिक इकाइयों में श्रम विभाग के अधिकारियों की लापरवाही ओर सुरक्षा के बेहतर इंतेजामत नहीं होने के कारण हो चुके हैं।दो दिन पूर्व औद्योगिक क्षेत्र की केजीबी कंपनी में एक कामगार के ३५ फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था, इसके बाद में अब यह बड़ा हादसा हो गया है। लगातार औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों में हो रहे हैं हादसों के कारण कामगारों में कंपनियों के प्रबंधनों के प्रति आक्रोश पनप रहा है। कामगारों की जा रही जान, प्रबंधन और प्रशासन गंभीर नहीं औद्योगिक इकाइयों में ठेका पद्धति से चल रहे कार्यों में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम कराने की जिद में मासूम कामगारों जान जा रही है। शनिवार को कामगार धनराज की मौत का मंजर इतना खौफनाक था कि उसकी लाश घंटों बेल्ट में फंसी रही, जो कंपनी की संवेदनहीनता और लचर सुरक्षा व्यवस्था की गवाही दे रही है। कामगारों का कहना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम करते समय न तो सुरक्षा का इंतजाम था और न ही बेल्ट की गुणवत्ता की जांच की गई थी। बेल्ट में फंसी हुई धनराज की लाश चीख-चीख कर सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक मजदूरों के खून से फैक्ट्रियों का टर्नओवर बढ़ाया जाएगा, विभाग के अधिकारी किसके दबाव में खामोश हैं? सवाल उठ रहे हैं कि क्या श्रम विभाग और सुरक्षा की निरीक्षकों की जेबें इतनी भारी कर दी गई हैं कि उन्हें मजदूरों की चीखें सुनाई नहीं देती। ईएमएस/मोहने/ 10 जनवरी 2026