जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार रात रफ्तार का खौफनाक चेहरा देखने को मिला, जब एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने मानसरोवर इलाके में सड़क किनारे जिंदगी तलाश रहे लोगों को कुचल दिया। पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के खराबास सर्किल के पास हुए इस भीषण हिट-एंड-रन हादसे में भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा की मौत हो गई, जबकि करीब 16 लोग घायल हो गए। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा न सिर्फ एक जान लेकर गया, बल्कि शहर की नाइट लाइफ, तेज रफ्तार और कानून व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद रंग की ऑडी कार शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे मानसरोवर की व्यस्त सड़क पर लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। बताया जा रहा है कि ऑडी किसी दूसरी कार के साथ रेस कर रही थी। अचानक संतुलन बिगड़ने से कार पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई और फिर बेकाबू होकर सड़क किनारे लगे 10 से 12 फूड स्टॉल्स और ठेलों में जा घुसी। महज कुछ सेकंड में करीब 30 मीटर के दायरे में तबाही मच गई। ठेले पलट गए, खाने-पीने का सामान बिखर गया और लोग चीख-पुकार करने लगे। कार करीब 100 फीट आगे जाकर एक पेड़ से टकराकर रुकी। इस हादसे में रमेश बैरवा, जो फूड स्टॉल पर हेल्पर के रूप में काम कर रहे थे, गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे में घायल अन्य लोगों को एसएमएस अस्पताल और जयपुरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर घायलों का इलाज जारी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि जिस ऑडी कार ने यह तबाही मचाई, वह श्री रामकृष्ण चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि हादसे के वक्त कार चला रहा चूरू निवासी दिनेश कुमार नशे की हालत में था। हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने एक अन्य आरोपी को पकड़ लिया, जिससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने ऑडी कार को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज रफ्तार, नशे की हालत और रेस लगाने का जुनून इस हादसे की मुख्य वजह हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार में कुल कितने लोग सवार थे और फरार आरोपी ने शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किया था या नहीं। यह हादसा जयपुर में बढ़ती हिट-एंड-रन घटनाओं और हाई-स्पीड ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक तरफ एक गरीब परिवार का सहारा छिन गया, वहीं दूसरी तरफ महंगी कार और रफ्तार के शौक ने कानून और इंसानियत दोनों को कुचल दिया।