हमारी सरकार ने मछुआरों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई नीतियां बनाईं कोच्चि,(ईएमएस)। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केरलम (केरल) दौरे पर हैं। उन्होंने एर्नाकुलम के कोच्चि में 10,800 करोड़ की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद एनडीए की एक चुनावी सभा को संबोधित कर लोकसभा सांसद राहुल गांधी की खूब आलोचना की। प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए तंज कंसते हुए कहा कि कांग्रेस के युवराज को यह नहीं पता कि भारत के युवा आज ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में कमाल कर रहे हैं। उन्हें इतना भी नहीं पता कि केरल के युवाओं ने ड्रोन विकसित करने के लिए स्टार्टअप शुरू कर दिए हैं। जो व्यक्ति अपने छोटे दायरे में सिमटा हो, उस छोटी सोच के शख्स को देश का विकास कभी नहीं दिखेगा। इसके पहले पीएम मोदी अखिल केरल धीवर सभा के गोल्डन जुबली समारोह में शामिल हुए। यहां उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह मलयाली लोगों के लिए खुशी का पल है। उनके चेहरे पर खुशी साफ दिख रही है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कोच्चि में रोड शो किया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित करीब 300 मीटर लंबे रोड शो के दौरान कार की सनरूफ से लोगों का अभिवादन किया। जनसभा को संबोधित कर पीएम मोदी ने कहा कि केरलम के पास नेचर, कल्चर, टैलेंट, टेक्नोलॉजी और विशाल सागर का आशीर्वाद है। इसके बावजूद केरलम का विकास उस गति से नहीं हुआ जैसा होना चाहिए था। एलडीएफ और यूडीएफ की सरकार ने विकास के लिए मेहनत नहीं की। तेज विकास के लिए इस खतरनाक पैटर्न को तोड़ना जरूरी है। इस बार यहां बीजेपी-एनडीए सरकार बनाइए। आप लोगों ने कांग्रेस और लेफ्ट को 70 साल से ज्यादा दिए हैं। अब बीजेपी-एनडीए को अगले 5 साल सेवा करने का मौका दीजिए। आपको विकसित केरलम की शानदार झलक देखने मिलेगी। ये मोदी की गारंटी है। जो अब तक नहीं बदला, अब बदलेगा। विकसित केरलम के लिए सबसे बड़ी जरूरत टूरिज्म, टैलेंट और टेक्नोलोजी को नए मौके देना है। कांग्रेस को केरल के युवाओं के सामर्थ्य पर भरोसा ही नहीं है। कांग्रेस के युवराज को ये भी नहीं पता कि भारत के युवा आज ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में कितन कमाल कर रहे हैं। एक ओर बीजेपी-एनडीए देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और वामपंथी दल आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाने में लगे हैं। इन्होंने देश को विदेशी देशों पर और भी ज्यादा निर्भर बना दिया है। आज ये सब मिलकर अफवाहें फैलाने में लगे हैं। यहां तक कि युद्धकाल में भी कांग्रेस, वामपंथी दल और उनके सहयोगी संगठन अपनी सारी ऊर्जा देश में दहशत फैलाने और संघर्ष पैदा करने में लगा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, हमें मत्स्य पालन में नई संभावनाओं को साकार करने और मछुआरों के जीवन स्तर में सुधार करने की आवश्यकता है। समुद्र से संबंधित अर्थव्यवस्था केवल पारंपरिक मछली पकड़ने तक ही सीमित नहीं है। मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी नए मौके उभर कर सामने आए हैं। केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान पूरे देश ने मछुआरा समुदाय के प्रयासों को देखा। आपने फंसे हुए लोगों को बचाया और जरूरतमंदों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई। इसीलिए पूरा देश मछुआरा समुदाय के साहस, सेवा और समर्पण को सम्मानपूर्वक याद करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी सरकार ने मछुआरा समुदाय की क्षमता और नीली अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को पहचाना है। भाजपा-एनडीए सरकार ने ही मत्स्य पालन के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन किया है। उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। पहले हमारे मछुआरे भाई-बहन खुले समुद्र में जाते थे, तब उनके घरवाले उनके वापस आने तक चिंता और डर में डूबे रहते थे, क्योंकि समुद्र में मौसम को लेकर हमेशा आशंकाएं बनी रहती थीं। लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमने सैटेलाइट के जरिए समुद्र में जाने वाले मछुआरे भाई-बहनों की सुरक्षा को और मजबूत किया है। तकनीक भी मछुआरा समुदाय की एक ताकत है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इसके माध्यम से मछुआरे, व्यापारी और निर्यातक एक ही प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कर सकते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना भी उनके लिए आसान हो गया है। आशीष दुबे / 11 मार्च 2026