राष्ट्रीय
11-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से मजबूत और गर्म बनाए रखना भी जरूरी हो जाता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सर्दियों के मौसम में अंडे को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। अंडा न केवल आसानी से उपलब्ध होता है, बल्कि यह पोषण से भरपूर ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो सर्दियों में शरीर की कई जरूरतों को पूरा करता है। अंडा हाई क्वालिटी प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर की मरम्मत और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। सर्दियों में कई लोग थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं, ऐसे में अंडे में मौजूद प्रोटीन और जरूरी अमीनो एसिड शरीर को एक्टिव बनाए रखने में सहायक होते हैं। इसके अलावा अंडे का सेवन शरीर की अंदरूनी गर्माहट को बनाए रखने में भी मदद करता है, जिससे ठंड का असर कुछ हद तक कम महसूस होता है। अंडे में कई आवश्यक विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। विटामिन बी6 और बी12 नर्वस सिस्टम और दिमाग की सेहत के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। ये विटामिन सर्दियों में होने वाली थकान और मानसिक सुस्ती को दूर करने में मदद करते हैं। वहीं अंडे में मौजूद सेलेनियम शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है, जिससे सर्दी, जुकाम और वायरल संक्रमण जैसी आम मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। सर्दियों में धूप की कमी के कारण शरीर में विटामिन डी का स्तर गिरना एक आम समस्या है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। अंडा उन गिने-चुने खाद्य पदार्थों में शामिल है, जिनमें प्राकृतिक रूप से विटामिन डी पाया जाता है। नियमित रूप से अंडे का सेवन करने से हड्डियां और दांत मजबूत रहते हैं और शरीर में कैल्शियम का संतुलन बना रहता है। यह खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा अंडे में मौजूद हेल्दी फैट्स और प्रोटीन लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं और पेट को भरा हुआ महसूस कराते हैं। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। हालांकि, जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें अंडे के पीले हिस्से का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है, जबकि अंडे का सफेद भाग लगभग सभी के लिए सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है। कुल मिलाकर, सर्दियों में अंडा सेहत को मजबूत रखने का एक आसान और असरदार विकल्प है। बता दें कि सर्दियों का मौसम आते ही खानपान और दिनचर्या में बदलाव स्वाभाविक हो जाता है। ठंडी हवा, कम धूप और सुस्त दिनचर्या शरीर के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर देती हैं। सुदामा/ईएमएस 11 जनवरी 2026