क्षेत्रीय
11-Jan-2026
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- 80 लाख रुपये मूल्य का धान गायब सूरजपुर(ईएमएस)। जिले के धान खरीदी केंद्रों में लगातार हेराफेरी और गड़बड़ियों के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला भैयाथान तहसील के सारारावां धान खरीदी केंद्र का है, जहां लगभग 80 लाख रुपये मूल्य के धान के गायब होने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। धान खरीदी की समाप्ति के कुछ ही सप्ताह बचे हैं, ऐसे में जिला प्रशासन की टीमें लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। भैयाथान तहसीलदार के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने सारारावां केंद्र का निरीक्षण किया। गिनती के दौरान बड़ा खुलासा हुआ: चालू खरीदी वर्ष में केंद्र पर 4,842 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी, जिसमें से 240 क्विंटल उठाव हो चुका। इस हिसाब से केंद्र में 40,602 क्विंटल धान होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 34,132 क्विंटल ही पाया गया। यानी कुल 6,470 बोरी या करीब 2,588 क्विंटल धान गायब है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 80 लाख रुपये है। निगरानी समिति ने जब समिति प्रबंधक से जवाब मांगा, तो कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद समिति ने औपचारिक शिकायत दर्ज कर धान केंद्र के संचालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसानों के खातों में अवैध रूप से धान बिक्री दर्ज की गई, जबकि वास्तविक खरीदी नहीं हुई। सूरजपुर जिले में यह पहला मामला नहीं है। इसी जिले के रामानुजनगर तहसील के छिंदया धान केंद्र के निरीक्षण में तहसीलदार को लगभग 3 हजार बोरी धान कम मिली थी, जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई थी। बाद में गठित जांच टीम ने पुनर्गणना की, जिसमें सब कुछ सही पाया गया। इस घटना ने प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन धान खरीदी को लेकर शुरू से ही गंभीर नजर रखे हुए हैं। मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि लगातार केंद्रों का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुन रहे हैं। प्रशासन ने कई निरीक्षण टीमें गठित की हैं, लेकिन सूरजपुर जिले में धान के हेराफेरी और गड़बड़ियों की अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। विभाग ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और खरीदी के बचे हुए दिनों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। सत्यप्रकाश(ईएमएस)11 जनवरी 2026