राज्य
11-Jan-2026
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- गंदे पानी से मौतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - जिम्मेदार लोग कातिल हैं हत्या का मुकदमा दर्ज हो - बड़ा गणपति चौराहा से राजवाड़ा तक कांग्रेस ने निकाली न्याय यात्रा इंदौर, (ईएमएस)। इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी के कारण 21 लोगों की जान चली गई। कई लोग हॉस्पिटल्स में भर्ती है। ऐसे में कांग्रेस ने रविवार को बड़ा गणपति चौराहा से राजवाड़ा तक न्याय यात्रा निकाली। इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने मांग की, पीडि़त परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटा-मंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए है। न्याय यात्रा के समापन पर मंच से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बेहद तीखे और भावनात्मक शब्दों में भाजपा सरकार, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों को घेरा। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का है। पिछले 20 साल से प्रदेश में, 22 साल से इंदौर नगर निगम में और 35 साल से सांसद के रूप में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है, फिर भी इंदौर शहर को एक गिलास ऐसा शुद्ध पानी नहीं मिल पाया, जिससे किसी की जान न जाए। जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर की जनता ने दिन-रात मेहनत कर शहर को देश-दुनिया में स्वच्छता में नंबर वन बनाया। हमें गर्व होता था कि इंदौर देश का दिल है। लेकिन आज वही इंदौर दूषित पानी से मौतों का शहर बन गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से इंदौर का स्वरूप कुछ भी हो, लेकिन यह शहर हमेशा 56 इंच का सीना रखता था, आज वही शहर अपमानित महसूस कर रहा है। न्याय यात्रा में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हरीश चौधरी, अजय सिंह सहित प्रदेश के कांग्रेस विधायक-पार्षद, कांग्रेस सेवादल, महिला कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल हुए है। जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा हो... नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, कांग्रेस इंदौर की जनता के साथ खड़ी है। इंदौर की जनता को स्वच्छ पानी, साफ सडक़ें और बोरिंग का साफ पानी चाहिए। भागीरथपुरा में हुई घटना के बाद सरकार मौतों के आंकड़े छुपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भी इंदौर के कई इलाकों में गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई बात नहीं करना चाहती। आम जनता साफ पानी पीने का अधिकार है, कोई भीख नहीं मांगी जा रही है। अब तक इस घटना में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में जिम्मेदार लोग कातिल हैं और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।