12-Jan-2026
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-मंत्रालय ने भारी और बड़े वाहनों के लिए ग्रेडेड लाइसेंस प्रणाली लाने का प्रस्ताव रखा नई दिल्ली,(ईएमएस)। देशभर में सड़कों पर बिना बीमा चल रहे वाहनों और असुरक्षित ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम में अहम संशोधनों का प्रस्ताव पेश किया है। इन प्रस्तावित बदलावों के तहत प्रवर्तन एजेंसियों को बिना बीमा वाले वाहनों को जब्त करने का अधिकार दिया जाएगा। साथ ही पिछले तीन सालों में जिनका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हुआ है, उन्हें नया लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने का प्रावधान भी जोड़ा जाएगा। मंत्रालय ने इस सप्ताह राज्यों के परिवहन मंत्रियों और परिवहन आयुक्तों के साथ हुई बैठक में इन प्रस्तावों को शेयर किया है। इन बदलावों के तहत बीमा नियामक को वाहन की उम्र और चालान के इतिहास को ध्यान में रखते हुए बीमा की मूल प्रीमियम और देनदारियों को तय करने का अधिकार मिलेगा। मीडिया रिपोर्ट में मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि फिलहाल बड़ी संख्या में वाहन, खासकर दोपहिया वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं। अब मंत्रालय ड्राइवर के इतिहास और लाइसेंस रद्द होने से जोड़ने के लिए संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जो कि डीएल जारी करने और नए बनाने से संबंधित है। इसके तहत ऐसे आवेदकों के लिए ड्राइविंग टेस्ट को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव है जिनका चालान इतिहास असुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार दर्ज है। यदि लाइसेंस की समाप्ति से एक साल के भीतर रिन्यूवल के लिए आवेदन किया जाता है, तो ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य नहीं होता है। दिल्ली के पूर्व उप परिवहन आयुक्त ने कहा कि 15 साल की लाइसेंस वैधता अवधि में चालान कटना आम बात है और इसे पूरी तरह व्यक्तिपरक बनाया जा सकता है। उनका सुझाव है कि हर रिन्यूवल से पहले ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य होना चाहिए, लेकिन लाइसेंस रद्द होने पर नए लाइसेंस पर पूर्ण बैन नहीं होना चाहिए। यदि जांच में व्यक्ति दोषी न पाया जाए, तो उसे नया लाइसेंस मिलना चाहिए। मंत्रालय ने भारी और बड़े वाहनों के लिए ग्रेडेड लाइसेंस प्रणाली लाने का भी प्रस्ताव रखा है, जिसमें ड्राइविंग अनुभव और कौशल के आधार पर पात्रता तय होगी। इसके अलावा, थर्ड पार्टी बीमा के दायरे को बढ़ाकर निजी वाहनों में मालिक, चालक और सवारी को शामिल करने की योजना है। अभी यह प्रावधान केवल व्यावसायिक वाहनों पर लागू है। एक अन्य प्रस्ताव के तहत ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्य आयु सीमा को 40 से बढ़ाकर 60 साल करने का सुझाव दिया गया है। सिराज/ईएमएस 12 जनवरी 2026