12-Jan-2026
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-फ्रांसीसी राफेल एफ-5 में ओम्निरोल क्षमता जो एक ही उड़ान कई मिशन को देगा अंजाम नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत ना तो अमेरिका से एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदेगा और ना ही रूसी एसयू-57 लड़ाकू विमान। भारत अब फ्रांस से ही 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा। संख्या में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन 100 से ज्यादा राफेल की संभावना है। एक रिपोर्ट में कहा गया है भारत के लिए फ्रांसीसी राफेल एफ5 “सुपर राफेल” अपनी जगह पक्की कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एफ-5 में नया एम88 टी-रेक्स इंजन है, जिसकी वजह से ये 20 फीसदी ज्यादा थ्रस्ट जेनरेट करता है। इसके अलावा इसमें एडवांस एवियोनिक्स है और बिना स्टील्थ फाइटर जेट जितना मेंटिनेंस खर्च के ये एडवांस 4.5 जेनरेशन क्षमता देता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब जबकि अमेरिका और चीन जैसे देश छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बना रहे हैं, उस वक्त एफ-5 की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर भारत के लिए जिसका दुश्मन चीन है और जिसके पास दो तरह के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं और जो छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बना रहा है। फिर भी भारत के लिए राफेल एक बेहतर विकल्प है, खासकर उस वक्त जब अमेरिकी एफ-35 खरीदा नहीं जा सकता और सुखोई-57 स्टील्थ फाइटर जेट पर विश्वास नहीं है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत शायद 20 राफेल एफ5 खरीद सकता है, जबकि बाकी राफेल एफ4 होंगे, जिनका मेक इन इंडिया के तहत प्रोडक्शन हो सकता है। ऐसी रिपोर्ट है कि 60 फीसदी प्रोडक्शन भारत में होगा। राफेल एफ5 लड़ाकू विमान एक ट्विन-जेट फाइटर एयरक्राफ्ट है जो एयरक्राफ्ट कैरियर से समुद्री फाइटर के तौर पर और जमीन पर आधारित फाइटर के तौर पर काम कर सकता है। राफेल ने अभी तक ओपन मार्केट में अच्छा प्रदर्शन किया है और यही वजह है कि राफेल के पास बहुत ऑर्डर्स हैं। राफेल एफ-5 की सबसे बड़ी खासियत इसकी ओम्निरोल क्षमता है, जिससे यह एक ही उड़ान में कई मिशन को अंजाम दे सकता है। अमेरिकी की एक पत्रिका में कहा गया है कि पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर की तुलना में यह ज्यादा किफायती है, लेकिन ऐसा लगता नहीं है। राफेल लड़ाकू विमान को खरीदने से लेकर इसके मेटिनेंस में अच्छा खासा बजट लगता है। राफेल एफ5 अपने 14 बाहरी हार्ड पॉइंट्स पर मजबूत हथियार सिस्टम युद्ध के दौरान ले जा सकता है। इनमें हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हीट-सीकिंग और रडार-सीकिंग हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, एआईएम-9 साइडविंडर हीट-सीकिंग हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, और हवा से हवा में मार करने वाले मिशन के लिए रडार-गाइडेड मिसाइल शामिल हैं। जो राफेल को अपने प्रतिद्वंदियों से काफी आगे ले जाती है। इसके अलावा एजीएम-84 हार्पून एंटी-शिप मिसाइल, स्टैंड-ऑफ क्रूज मिसाइल, हैमर एयर-टू-ग्राउंड बम, एएम-39 एक्सोसेट एंटी-शिप मिसाइल, साथ ही एयर-टू-सरफेस मिशन के लिए पारंपरिक और स्मार्ट बम होते हैं। इस एयरक्राफ्ट की बाहरी लोड उठाने की क्षमता 20,000 पाउंड से ज्यादा है। साथ ही राफेल में 2500 राउंड वाली एक पावरफुल नेक्सटर 30एम791 30एमएम तोप भी लगी है। यह फाइटर जेट एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे आरबीई2 रडार से लैस है जो एक साथ 40 टारगेट को ट्रैक कर सकता है और एक साथ चार टारगेट पर हमला कर सकता है। राफेल का डेल्टा विंग और कैनार्ड कॉन्फ़िगरेशन, फ्लाई-बाय-वायर कंट्रोल के साथ मिलकर इसे जबरदस्त फुर्ती देता है। यह बिना रिफ्यूलिंग के 1000 किलोमीटर से ज्यादा की डीप-स्ट्राइक मिशन पर उड़ सकता है और आफ्टरबर्नर के साथ स्पीड से क्रूज कर सकता है। अमेरिका, भारत को एफ-35 लाइटनिंग-2 स्टील्थ, पांचवीं पीढ़ी के मल्टीरोल फाइटर देने की डील करके उसे लुभाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन अब अमेरिका को मना कर दिया गया है। इसीलिए बहुत उम्मीद है कि फ्रांस के साथ राफेल फाइटर जेट के लिए डील हो जाए। सिराज/ईएमएस 12 जनवरी 2026