12-Jan-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। उत्तर भारत के विशाल हिस्से में भीषण ठंड और शीतलहर का कहर लगातार जारी है। बर्फीली हवाओं और गिरते पारे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है और कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस सीजन में पहली बार देश की राजधानी दिल्ली में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली के आयानगर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि पालम वेधशाला में तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम में पिछले 13 वर्षों में दर्ज किया गया यह सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में इसी तरह की भीषण शीतलहर बनी रहेगी। राजस्थान के कई हिस्सों में हालात और भी गंभीर हैं। मरुस्थलीय राज्य होने के बावजूद यहां के कुछ इलाकों में तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया है। प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान शून्य से 2 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया, वहीं बाड़मेर में भी पारा शून्य से 1 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। भीषण शीतलहर के कारण सुबह के समय खेतों में बर्फ की चादर देखी जा रही है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की आशंका है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कश्मीर घाटी वर्तमान में चिल्ला-ए-कलां के दौर से गुजर रही है, जो 40 दिनों की सबसे कठिन सर्दियों की अवधि होती है। इस दौरान घाटी में न्यूनतम तापमान अक्सर जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे रहता है। श्रीनगर में शनिवार रात तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अत्यधिक ठंड के कारण विश्व प्रसिद्ध डल झील और अन्य जल निकायों के किनारे जमने शुरू हो गए हैं। हालांकि, इस साल अब तक घाटी के मैदानी इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन आसमान साफ रहने और शुष्क मौसम के कारण रात की ठंड और अधिक बढ़ गई है। पंजाब और हरियाणा में भी स्थिति सामान्य नहीं है, यहाँ अधिकांश शहरों में तापमान जमाव बिंदु के करीब बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 21 जनवरी तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। सरकार और प्रशासन ने लोगों को ठंड से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। फिलहाल उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक, लोग अलाव और गर्म कपड़ों के सहारे इस हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना कर रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/12जनवरी2026