12-Jan-2026
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- ‎निर्यात का आंकड़ा 2024 की तुलना में करीब 85 प्रतिशत अधिक नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में 2021 में उत्पादन शुरू करने के बाद 2025 में पहली बार ऐपल के आईफोन का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। ठेके पर आईफोन बनाने वाली कंपनियों द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच भारत से आईफोन का कुल निर्यात 23 अरब डॉलर यानी लगभग 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में करीब 85 प्रतिशत अधिक है। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लागू होने के बाद से ऐपल का मुख्य फोकस भारत को एक बड़े निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने पर रहा है। इसका असर यह हुआ कि हर साल आईफोन निर्यात में लगातार तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2021 में जहां भारत से आईफोन का निर्यात 8,800 करोड़ रुपये था, वहीं 2022 में यह बढ़कर 36,234 करोड़ रुपये हो गया। 2023 में निर्यात दोगुने से ज्यादा बढ़कर 74,000 करोड़ रुपये पहुंचा, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1.1 लाख करोड़ रुपये रहा। 2020 में पीएलआई योजना की घोषणा के बाद ऐपल ने अपने दो प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं विस्ट्रॉन और फॉक्सकॉन के साथ भारत में कदम रखा। हालांकि कोरोना महामारी और चीन के साथ सीमा पर तनाव के चलते उत्पादन शुरू होने में देरी हुई और 2021 में भारत में आईफोन निर्माण की शुरुआत हो सकी। प्रारंभिक दौर में उत्पादन मुख्य रूप से निर्यात बाजार को ध्यान में रखकर किया गया। चीन से आपूर्ति श्रृंखला के धीरे-धीरे स्थानांतरण के बीच ऐपल ने 2023 से भारतीय कंपनियों को अपने पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल करना शुरू किया। सरकार ने तकनीक हस्तांतरण और एमएसएमई को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। टाटा समूह इस क्षेत्र में शामिल होने वाला पहला बड़ा भारतीय समूह बना, जिसने 2023 में कर्नाटक स्थित विस्ट्रॉन का आईफोन प्लांट खरीदा और बाद में तमिलनाडु में पेगाट्रॉन की फैक्टरी में बहुलांश हिस्सेदारी हासिल की। सतीश मोरे/12जनवरी ---