ज़रा हटके
12-Jan-2026
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80 वर्षीय बुजुर्ग को पत्नी की कब्र के बगल में दफनाया गया हैदराबाद,(ईएमएस)। कोई शख्स जीते-जी खुद अपनी कब्र खोदे तो सुनने और सुनाने में अटपटा जरुर लगता है, लेकिन यह हकीकत है। दरअसल तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के लक्ष्मीपुरम गांव से ऐसी ही भावुक कर देने वाली लेकिन प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जानकारी अनुसार गांव के निवासी नक्का इंद्रय्या का 80 वर्ष की आयु में 11 जनवरी को निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार, उन्हें उसी कब्र में दफनाया गया, जिसे उन्होंने अपने जीवनकाल में खुद तैयार किया था। यह कब्र उन्होंने अपनी पत्नी की कब्र के ठीक बगल में खोदी थी। परिवार और गांव वालों के अनुसार, इंद्रय्या का मानना था कि मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की व्यवस्था बच्चों के लिए भावनात्मक और आर्थिक बोझ बन जाती है। इसी सोच के चलते उन्होंने पहले ही अपनी कब्र तैयार कर ली थी। उन्होंने इस स्थान को “आखिरी आरामगाह” का नाम दिया था। इंद्रय्या के भाई ने मीडिया को बताया कि वे बेहद सादगीपूर्ण और सेवा भाव से भरा जीवन जीने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने न सिर्फ अपनी कब्र खुद बनाई, बल्कि गांव में एक चर्च के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने गांव के विकास के लिए कई काम किए, जिनमें घर, स्कूल और धार्मिक स्थल बनवाना शामिल है। परिवार ने बताया कि इंद्रय्या ने अपने जीवनकाल में ही अपनी पूरी संपत्ति अपने चार बच्चों में बांट दी थी। उन्होंने बच्चों के लिए घर बनवाए और परिवार में कुल नौ शादियां भी करवाईं, ताकि उनके जाने के बाद किसी तरह का विवाद या जिम्मेदारी का बोझ न रहे। खुद अपनी कब्र खोदने वाले इंद्रय्या के अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे गांव में शोक के साथ-साथ उनके जीवन को लेकर सम्मान और गर्व का माहौल देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे इंद्रय्या को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने जीवन को जिम्मेदारी, सेवा और संतोष के सिद्धांतों के साथ जिया। हिदायत/ईएमएस 12जनवरी26