क्षेत्रीय
12-Jan-2026
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सागर (ईएमएस)। सागर में 12 जनवरी 2026,सोमवार को उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गं पथस्तत्कवयो वदन्ति अर्थात्- हे मानवो! उठो, जागो, ज्ञानी मनुष्य के पास जाकर ज्ञान प्राप्त करो।कहते हैं, कि युवा अर्थात् जवान; जवान वो जो जमाना बदल दे। जी हाँ एक ऐसा ही युवा जिन्होंने अपने अध्यात्म से भारत को विश्वगुरु का दर्जा दिलाया था, उन्हीं युवा नरेन्द्रनाथ दत्त जिन्हें सारा संसार स्वामी विवेकानंद के नाम से जानता है, उन्हीं के जन्म दिवस के अवसर पर नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दिल्ली पब्लिक स्कूल सागर में करीब 400 विद्यार्थियों, शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार लगाकर ‘युवा दिवस मनाया।सुबह तकरीबन नौ बजे दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रार्थना स्थल पर सूर्य नमस्कार के लिए शिक्षकों के मार्ग - दर्शन में विद्यार्थी प्रांगण में एकत्र हुए। कार्यक्रम के मुख्यातिथि बतौर अध्यक्ष विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविकांत बाजपेयजुला दीप प्रज्ज्वलित कर माँ सरस्वती व स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण किया। तदुपरांत योगाचार्य अमित जैन के नेतृत्व में सभी ने सूर्य नमस्कार आसानों का सफलता पूर्वक अभ्यास किया। सूर्य नमस्कार योगाभ्यास के उपरांत विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविकांत बाजपेयजुला ने सभी को संबोधित करते हुए कहा, योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग है। हम सभी को चाहिए, कि स्वास्थ्य रहने के लिए नित्यप्रति योग करें। योग शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का द्योतक है। विद्यार्थियों के लिए योग शिक्षा का अनिवार्य अंग है और उन्हें योग को दिनचर्या के अभिन्न अंग की तरह स्वीकार्य करना चाहिए। वहीं विद्यालय के निदेशक इंजी. राहुल सराफ ने सभी को युवा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा, कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र हैं। उन्होंने छोटा जीवन पाया। परन्तु अपनी 32 वर्ष की अल्पायु में ही उन्होंने देश व दुनिया के युवाओं को संदेश दिया, कि देखो! जीवन कैसे जिया जाता है? उन्होंने योगबल से स्वयं को प्रज्ञावान, बलिष्ठ बनाया। निखिल सोधिया/ईएमएस/12/01/2026