राष्ट्रीय
12-Jan-2026
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* मुख्यमंत्री ने जर्मन कंपनियों के लिए हेल्प डेस्क शुरू करने के दिए निर्देश, दीर्घकालिक औद्योगिक संबंधों पर बल गांधीनगर (ईएमएस)| जर्मनी के स्टेट सेक्रेटरी स्टिफन राउएनहोफ के नेतृत्व में जर्मन बिजनेस डेलीगेशन ने सोमवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। यह डेलीगेशन भारत-जर्मन सीईओ फोरम में सहभागी होने के लिए भारत-गुजरात की यात्रा पर आया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में आयोजित सीईओ फोरम की सफलता के लिए इस डेलीगेशन को अभिनंदन देने के साथ गुजरात में उनका स्वागत किया। डेलीगेशन के सदस्यों ने गुजरात के देश के जीडीपी ग्रोथ में 8 प्रतिशत से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान दिए जाने पर प्रभावित होते हुए कहा कि वे विशेषकर एसएमई सेक्टर में बिजनेस एंड इकोनॉमी संबंध बढ़ाने को उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशादर्शन में अब देश के राज्यों के ग्रोथ रेट बढ़ाने की ओर आगे बढ़ने की भूमिका दी और इस संदर्भ में कहा कि जर्मनी के उद्योगों ने गुजरात पर जो भरोसा रखा है, उसे अधिक सुदृढ़ बनाकर आपसी सहयोग से हम अधिक प्रगति कर सकेंगे। उन्होंने इस बैठक में चर्चाओं के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री जर्मनी के साथ विश्वसनीय मित्र के रूप में आगे बढ़ना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में गुजरात एवं जर्मनी के औद्योगिक संबंधों को अधिक गहराईपूर्वक तथा दीर्घावधि के लिए विकसित कर गुजरात में जर्मन कंपनियों के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को अधिक वेग मिले; ऐसी हमारी मंशा है। मुख्यमंत्री ने बैठक में जर्मन उद्योगों के निवेशों को अधिक सुविधापूर्ण बनाने के लिए हेल्प डेस्क शुरू करने के दिशानिर्देश भी दिए। जर्मन स्टेट सेक्रेटरी स्टिफन राउएनहोफ ने चर्चा के दौरान कहा कि जर्मनी अपनी सप्लाई चेन डाइवर्सीफाई करना चाहता है, जिसमें गुजरात को उसकी पसंद बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स, प्रोडक्शन स्ट्रक्चर एवं इकोनॉमिक फ्रेमवर्क में विद्यमान चुनौतियों का हल होना अपेक्षित है। उन्होंने जोड़ा कि गुजरात एनर्जी सेक्टर में अग्रसर है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी ग्रिड तथा स्टोरेज की जर्मन टेक्नोलॉजी की एक्सपर्टीज का सहयोग मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 का जो विजन दिया है, उसमें गुजरात लीड लेने को सज्ज है। 2030 तक 100 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन के लक्ष्य के साथ-साथ विकसित गुजरात@2047 का रोडमैप तैयार कर 6 रीजनल ग्रोथ हब तथा वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस से जिला स्तर पर फोकस सेक्टर भी तैयार किए गए हैं। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने गुजरात को पॉलिसी ड्रिवन स्टेट के रूप में विशिष्ट पहचान दिलाई है। हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी, आईटी पॉलिसी, ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी आदि सेक्टर स्पेशिफिक पॉलिसीज का लाभ लेकर जर्मनी के उद्योग स्वयं के अनुकूल सेक्टर्स में गुजरात के साथ सहभागिता कर सकते हैं। भूपेन्द्र पटेल ने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रिसिजन इंजीनियरिंग तथा टेक्नोलॉजी सेक्टर में जर्मनी की विशेषज्ञता का लाभ गुजरात को मिले। इस डेलीगेशन के सदस्य तथा सीमेंस के सीईओ रोनाल्ड बुश ने भी गुजरात में एसएमई तथा अन्य उद्योग सप्लाई चेन का हिस्सा बनें या सप्लाई चेन डेवलप करने में उपयोग हो सकें; तत्संबंधी सुझाव दिए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ चर्चा में जर्मनी के विभिन्न क्षेत्रों के जो 30 से अधिक उद्योगकार-निवेशक सहभागी हुए; उनमें डॉ. कार्ल बित्जर, मैनेजिंग डाइरेक्टर, Delo industrieklebstoffe, ब्रुकनर टोकेंटेक्निक की सीईओ रेजीना ब्रुकनर, वेबस्टो एसई के सीईओ जोर्ग बुचहेम, टीकेएमएस एजी के एमडी श्री ओलिवर बर्कहार्ड, डॉ. वुल्फ ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर एड्युर्ड रिचर्ड डोरेनबर्ग आदि शामिल हैं। इस डेलीगेशन के सभी सदस्यों ने गुजरात के आतिथ्य सत्कार की भी प्रशंसा की। बैठक में मुख्य सचिव एम. के. दास, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव टी. नटराजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, अपर प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, एसजीएसटी आयुक्त आरती कँवर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी सहभागी हुए। सतीश/12 जनवरी