ओटावा,(ईएमएस)। कनाडा के क्यूबेक प्रांत में मई 2025 में घटी एक अजीबोगरीब घटना ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों को हैरत में डाल दिया है। यहां की एक विशाल झील, जिसे लेक रूज के नाम से जाना जाता था, अचानक रातों-रात गायब हो गई। महीनों तक इस घटना को स्थानीय और असामान्य प्राकृतिक हलचल मानकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब सामने आए ठोस वैज्ञानिक तथ्यों और सैटेलाइट अध्ययनों ने इसकी भयावहता और इसके पीछे की चौंकाने वाली प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है। इस घटना के केंद्र में नासा अर्थ ऑब्जर्वेटरी द्वारा प्रकाशित एक विस्तृत अध्ययन है, जिसका शीर्षक ‘द डिसअपीयरेंस ऑफ लेक रूज’रखा गया है। 13 जुलाई 2025 को जारी इस रिपोर्ट में लैंडसैट-9 सैटेलाइट के अत्याधुनिक ओएलआई-2 उपकरण से ली गई उच्च-रिजॉल्यूशन तस्वीरों का विश्लेषण किया गया। इन सैटेलाइट तस्वीरों से यह सनसनीखेज सच सामने आया कि लेक रूज ने 29 अप्रैल 2025 से 14 मई 2025 के बीच, यानी महज 15 दिनों के भीतर अपना लगभग सारा पानी खो दिया। जहां जून 2024 की तस्वीरों में झील नीले पानी से लबालब भरी दिखाई देती थी, वहीं जून 2025 की तस्वीरों में वहां केवल सूखी और बंजर जमीन का मलबा नजर आया। वैज्ञानिकों के अनुसार, सैटेलाइट डेटा प्रमाणित करता है कि झील का पानी धीरे-धीरे वाष्पित नहीं हुआ, बल्कि एक झटके में बाहर निकल गया। पानी ने एक नया प्राकृतिक रास्ता बनाया और लगभग 10 किलोमीटर तक तेज बहाव के साथ बहते हुए पास की एक अन्य निचली झील में समा गया। भूविज्ञान की भाषा में इस तरह के अचानक जल-निकास को ‘आउटबर्स्ट फ्लड’ कहा जाता है। आमतौर पर इस तरह की घटनाएं ऊंचे पहाड़ों पर स्थित ग्लेशियर झीलों में देखी जाती हैं, लेकिन मैदानी इलाकों की सामान्य झीलों में ऐसा होना बेहद दुर्लभ और चिंताजनक माना जाता है। अंतरिक्ष और विज्ञान आधारित विभिन्न विश्लेषण रिपोर्टों ने भी नासा के इन निष्कर्षों की पुष्टि की है। डेटा विश्लेषण से पता चला कि झील के किनारों की मिट्टी और वहां बने प्राकृतिक बांध लंबे समय से कमजोर हो रहे थे। उस दौरान हुई भारी बर्फबारी और उसके बाद अचानक बर्फ पिघलने के कारण पानी का दबाव इस कदर बढ़ गया कि झील का प्राकृतिक अवरोध टूट गया। इन वैज्ञानिक तथ्यों के सामने आने के बाद अब वैश्विक स्तर पर एक नई बहस शुरू हो गई है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के पीछे केवल कुदरत का हाथ नहीं है। जंगलों की अंधाधुंध कटाई, पूर्व में लगी भीषण वनाग्नि और तेजी से होते जलवायु परिवर्तन ने जमीन की जलधारण क्षमता को कमजोर कर दिया है। लेक रूज का गायब होना अब सिर्फ एक भौगोलिक दुर्घटना नहीं, बल्कि भविष्य में आने वाले बड़े पर्यावरणीय असंतुलन की एक गंभीर चेतावनी बन गया है। वीरेंद्र/ईएमएस 13 जनवरी 2026