ज़रा हटके
13-Jan-2026
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इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तानी सेना अब सिर्फ अपने देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती। एक ओर पाकिस्तान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के की हार बात मान रही है, वहीं दूसरी ओर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान मुस्लिम देशों के बीच एक नई सैन्य रणनीति बना रही है। मुनीर की इस योजना को डिफेंस कूटनीति कहा जा रहा है। इसका मतलब है कि पाकिस्तान खुद को एक भरोसेमंद सैन्य साझेदार और हथियार सप्लायर के तौर पर पेश कर रहा है। सुरक्षा से जुड़े शीर्ष सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान बीते कुछ समय से कई मुस्लिम देशों के साथ सैन्य सहयोग, हथियारों की बिक्री, ट्रेनिंग और सुरक्षा समझौतों पर बातचीत कर रहा है। यह रणनीति तब और तेज हो गई जब पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक म्यूचुअल डिफेंस अंडरस्टैंडिंग यानी आपसी रक्षा समझ बनी। माना जा रहा है कि इस समझ ने पश्चिम एशिया में ताकत के संतुलन को काफी हद तक बदल दिया है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की अहमियत सिर्फ हथियार बेचने तक सीमित नहीं है। बात दें कि पाकिस्तान दुनिया का इकलौता मुस्लिम देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं। भले ही किसी तरह की परमाणु साझेदारी की कोई आधिकारिक बात न हो, लेकिन कई मुस्लिम देशों को लगता है कि पाकिस्तान उनके लिए एक रणनीतिक ढाल बन सकता है। खासतौर पर उन देशों के लिए जो इजरायल या किसी बड़े खतरे से चिंतित हैं। बताया जा रहा है कि सऊदी अरब के पास खुफिया रिपोर्ट्स थीं जिसमें यमन, इजरायल फिलिस्तीन, लीबिया, सूडान, सोमालिया और अफ्रीका के अन्य हिस्सों में बढ़ती अस्थिरता की बात कही गई थी। साथ ही सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता जाहिर की गई थी। इन्हीं कारणों से सऊदी ने पाकिस्तान के साथ सैन्य समझौते का फैसला किया। इस समझौते के बाद तुर्किये, बांग्लादेश और कई अन्य मुस्लिम देशों ने भी पाकिस्तान के साथ इसतरह के के रक्षा समझौतों में दिलचस्पी दिखाई है। ये सुनकर ऐसा लगाता है जैसे पाकिस्तान मुस्लिम देशों वाला नाटो संगठन तैयार कर रहा है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने बंद कमरे की ब्रीफिंग में बताया कि करीब आठ मुस्लिम देश औपचारिक या अनौपचारिक तौर पर पाकिस्तान के साथ सैन्य साझेदारी करने को तैयार हैं। सूत्रों के अनुसार तुर्किये, अजरबैजान, बांग्लादेश, लीबिया, सूडान, जॉर्डन और मिस्र जैसे देश पाकिस्तान से हथियार खरीदने और सैन्य ट्रेनिंग लेने पर विचार कर रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में पाकिस्तान ने करीब 8 अरब डॉलर के रक्षा निर्यात सौदे हासिल किए हैं। पाकिस्तान का लक्ष्य अगले तीन से पांच साल में 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। इन सौदों में कई बड़े समझौते शामिल हैं। सऊदी अरब के साथ करीब 3.7 अरब डॉलर का पैकेज, जिसमें हथियार और जेएफ 17 थंडर लड़ाकू विमान शामिल हैं। अजरबैजान के साथ 40 जेएफ 17 विमानों का 4.6 अरब डॉलर का सौदा चल रहा है। लीबिया के साथ 1.25 से 1.4 अरब डॉलर का हथियार समझौता हुआ है जो यूएई के बैंकिंग चैनलों से किया गया है। सूडान ने करीब 1.1 अरब डॉलर का सौदा किया है और बांग्लादेश भी लगभग 1 अरब डॉलर के समझौते के करीब बताया जा रहा है। इन सौदों के तहत पाकिस्तान जिन हथियारों और सिस्टम की पेशकश कर रहा है, उसमें जेएफ-17 थंडर, कराकोरम 8 विमान, अटैक हेलिकॉप्टर, निगरानी ड्रोन, कामिकाजे ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, रॉकेट, मिसाइल, बख्तरबंद वाहन और नौसैनिक हथियार शामिल हैं।बताया जा रहा है कि इस पूरी रणनीति को फील्ड मार्शल आसिम मुनीर खुद आगे बढ़ा रहे हैं। वे सऊदी अरब, तुर्किये, ईरान, कतर, बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के साथ सीधे संपर्क में हैं। आशीष/ईएमएस 13 जनवरी 2026