13-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधानसभा की ओर से सभी संबंधित दस्तावेज और फोरेंसिक रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि इस वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। उन्होंने पंजाब में आप सरकार की राज्य पुलिस का दुरुपयोग करने के लिए भी निंदा की। पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी के कथित एक बयान को लेकर मामला लगातार गरमाया हुआ है। मामले को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इस बीच पंजाब के 3 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली विधानसभा की ओर से भेजे गए नोटिस पर जवाब देने के लिए 10 दिन की मोहलत मांगी है। इससे दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पिछले हफ्ते शनिवार को कहा था कि पंजाब पुलिस के 3 बड़े अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिसमें विधानसभा के वीडियो क्लिप को लेकर दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। दिल्ली विधानसभा ने आतिशी का एक “छेड़छाड़ किया हुआ” और “एडिटेड” वीडियो क्लिप कथित तौर पर सर्कुलेट करने के आरोप में कपिल के खिलाफ पंजाब पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के मामले में नोटिस जारी किया था, अपना जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मांगा है, अधिकारियों ने सोमवार को बताया। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस वीडियो क्लिप का इस्तेमाल, जो दिल्ली विधानसभा की संपत्ति है, और पंजाब पुलिस की ओर से इसके आधार पर एफआईआर दर्ज करने को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया, साथ ही कहा कि इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई उनके जवाब मिलने के बाद ही तय की जाएगी। इस वीडियो क्लिप का इस्तेमाल दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा और बीजेपी के कई विधायकों ने किया, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि विपक्ष की नेता आतिशी ने पिछले मंगलवार को विधानसभा में नौवें सिख गुरु की 350वीं शहादत वर्षगांठ मनाने के लिए नवंबर में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम पर बहस के बाद गुरु तेग बहादुर का अपमान किया था। इसके बाद जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने कपिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ आतिशी का “एडिटेड और छेड़छाड़ किया हुआ” वीडियो अपलोड करने और सर्कुलेट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/ जनवरी /2026